बम मारकर हत्या मामले में दो को आजीवन कारावास
मोतिहारी। अनुसूचित जाति/जन जाति के अनन्य विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्र ने चुनाव के दौरान बम मारकर एक किशोरी की हत्या मामले में नामजद दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को अस्सी हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है।
अर्थ दंड नहीं देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा चकिया थाना के नगरगावां निवासी योगेश्वर पाण्डेय के पुत्र श्रीनारायण पाण्डेय एवं गांधी ठाकुर के पुत्र अवधेश ठाकुर को हुई। वहीं एक अन्य अभियुक्त गवंदरा निवासी राजकिशोर ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया।
मामले में चकिया थाना कांड संख्या 20/1995 दर्ज हुई थी। जिसमें इलाज के दौरान जख्मी किशोरी स्थानीय निवासी जोखू राम की पुत्री अनीता कुमारी की पुलिस के समक्ष दिए बयान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। एक सप्ताह बाद इलाज के अनीता की मौत हो गई थी।
दर्ज प्राथमिकी में कही थी कि 28 मार्च 1995 की सुबह करीब 8.30 बजे चुनाव के दिन नामजद लोग उसके दरवाजे पर आकर बम दिखाकर बोले थे कि इस टोला के लोग बूथ पर वोट देने नहीं जाएगा, अन्यथा बम से उड़ा देंगे। परंतु गांव के लोग वोट देने बूथ पर चले गए। तभी पुलिस को देख लोग इधर उधर भागने लगे। भागने के दौरान एक व्यक्ति पकड़ा गया। कुछ देर बाद नामजद लोग सहित अन्य व्यक्ति उसके दरवाजे पर आये और तीन चार बम पटक दिए। जिससे अनीता कुमारी व उसका 8 वर्षीय भाई सोनू कुमार बुरी तरह जख्मी हो गए। परिजन दोनों भाई बहन को रेफरल अस्पताल चकिया लाये।
जहां ईलाज के दौरान अनीता की मौत हो गई, वहीं सोनू सोनू काफी दिन ईलाज के बाद बच गया। वाद संख्या 446/1996 विचरण के दौरान विशेष अपर लोक अभियोजक रवि प्रकाश ने ग्यारह गवाहों को न्यायालय में गवाही करवाई।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 148,302,307 भादवि एवं 3(i)(vii) अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी। वहीं सभी सजाएं साथ साथ चलेगी।

