मेरे सपनों का भारत : सेवा चित्र’ अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित
मोतिहारी।गांधी ऑडिटोरियम में ‘मेरे सपनों का भारत : सेवा चित्र’ अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया। गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री सिंह ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के छोटे-छोटे संकल्पों और सक्रिय सहभागिता से संभव होगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व का नेतृत्व करते देखना हर भारतीय का सपना होना चाहिए। ‘मेरे सपनों का भारत’ केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित भारत नहीं, बल्कि एक जीवंत, जागृत, आत्मनिर्भर और सनातन राष्ट्र की परिकल्पना है। श्री सिंह ने उपस्थित लोगों को सामूहिक संकल्प दिलाते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे और अपने हर कदम तथा हर विचार को भारत की प्रगति के लिए समर्पित करे।
कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्तियों के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा गया—
“वैभव विशाल, यह रूप विमल, इसे जग में फिर चमकाना है, उठो देश के वीर जवानो, अब विकसित भारत बनाना है।” अंत में संदेश दिया गया कि “सपना विकसित भारत का, संकल्प हर भारतीय का” केवल उद्घोष नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का संकल्प बने।

