बिहार में गंडक के उफान से सारण ,चंपारण और वैशाली में तटबंध टूटे, लाखों लोग हुए प्रभावित

बिहार में गंडक के उफान से सारण ,चंपारण और वैशाली में तटबंध टूटे, लाखों लोग हुए प्रभावित
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पटना। बिहार में मानसून की विदाई के साथ आयी बाढ़ ने काफी तबाही मचा रखी हैै। लाखों लोगों की परेशानी बढ़ी हुई। पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना सहित कई जिले इससे आम जन जीवन प्रभावित हैं।सारण जिले में गंडक नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। मकेर प्रखंड में तटबंध टूटने से बड़ी मात्रा में पानी फैल गया है। इससे मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें और अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं। पानी का तेज बहाव परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है।

बाढ़ का पानी कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-722 पर चढ़ जाने से आवागमन और संपर्कता प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार जिले की 18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। प्रभावित आबादी करीब 24,725 और लगभग 4,220 परिवार हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।

सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवावस्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ”मकेर में तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से फैल रहा है। प्रभावित पंचायतों में नावें लगाई गई हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि कल रात से ही प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो टीमों और एसडीआरएफ की एक टीम को लगाया गया है।

वैशाली जिले के लालगंज में स्थिति काफी भयावह बनी हुई है। लालगंज प्रखंड क्षेत्र में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर स्थित वार्ड संख्या-5 के विभिन्न स्थानों पर रिंग बांध में रिसाव एवं कटाव की सूचना मिली। इसके बाद वैशाली जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने तत्काल स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ”जहां-जहां बांध में रिसाव की सूचना मिल रही है। वहां बोरे में मिट्टी भरकर रिसाव को रोकने और बांध को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रशासन की टीम लगातार संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही है।मुजफ्फरपुर में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ का संकट और गहरा गया है। पारू प्रखंड के जयमल डुमरी इलाके में नारायणी गंडक नदी का तटबंध टूट गया है। तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में फैल रहा है। अचानक पानी फैलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था। कई जगहों पर तटबंध के ऊपर से भी पानी का बहाव हो रहा था। लगातार बढ़ते दबाव के बीच जयमल डुमरी में तटबंध टूट गया। इसके बाद आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा।

तटबंध टूटने के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते तटबंध की मरम्मत और निगरानी की जाती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तिरहुत आयुक्त गिरवर दयाल सिंह ने बताया कि तटबंध टूटा है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, एसडीएम वेस्ट, सीओ और बीडीओ समेत संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बागाहा गेज पर नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो 2024 में दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर से अधिक है। जलस्तर में इस उछाल से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे राहत और पुनर्वास कार्यों में लगी एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के गंगा घाटों का निरीक्षण किया। पटना में गंगा एक बार फिर से खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। सितंबर में भी गंगा उफान पर थी और गांधी घाट से लेकर पटना के सभी घाट का पिछला सारा रिकॉर्ड गंगा ने तोड़ दिया था। सम्राट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वायु सेना से भी मदद मांगी है।

गंगा घाटों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी और सतर्क रहने की जरूरत है। इस बार गंगा और गंडक दोनों ने रिकॉर्ड बनाया है। सोन में भी हाईएस्ट लेवल पर पानी पहुंच गया था। ”इससे ज्यादा पानी न तो गंगा में कभी आया, न ही गंडक में। बिहार में इस साल मानसून में 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है तब यह स्थिति है। बाढ़ की स्थिति चिंताजनक है लेकिन सरकार पूरी तरह से लगी हुई है की सबको राहत मिल सके।

anand prakash

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