नौकरी का झांसा देकर यौन शोषण के अभियुक्त को बीस वर्ष का सश्रम कारावास
मोतिहारी। पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर सास पतोहू का यौन शोषण करने मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को 20 वर्षों का सश्रम कारावास एवं बीस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है।
अर्थ दंड नहीं देने पर पंद्रह दिनों का अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा मेहसी थाना के चकलालू छोटा निवासी राजबाबू उर्फ मोतीउर्रहमान के पुत्र निशांत राज उर्फ निशांत रेज़ा को हुई। मामले में छतौनी थाना कांड संख्या 244/2023दर्ज हुआ था।
जिसमें कहा गया था कि पीड़िता के पुत्र की मृत्यु के बाद अनुकंपा पर नौकरी के लिए भाग दौड़ कर रही थी। उसी दौरान नामजद अभियुक्त से संपर्क हुआ। वह अपने को तरंग मीडिया का संपादक बताता था। वह झांसा में लेकर कार्य कर देने की बात कहकर उसे तथा उसकी पुत्र बधू को ब्लैकमेल करने लगा। वह दोनों के साथ शारीरिक संबंध बनाकर वीडीओ बना लिया। वह वीडीओ वायरल करने का धमकी देकर यौन शोषण के साथ ही पांच लाख रुपये मांगने लगा। नहीं देने पर उसके दूसरे पुत्र व पुत्र बधू की हत्या कर देने की धमकी भी देने लगा।
सत्र वाद संख्या 365/2024 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 376(2) में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।

