नेपाल आपदा पर चीन का स्पष्टीकरण, काठमांडू को समय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई

नेपाल आपदा पर चीन का स्पष्टीकरण, काठमांडू को समय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई
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काठमांडू। नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन को लेकर चीन पर समय रहते नेपाल को चेतावनी नहीं देने के आरोपों के बीच नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने आज लगातार तीसरे दिन स्पष्टीकरण जारी किया है।दूतावास ने नेपाली मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा है कि चीनी विशेषज्ञों ने उपलब्ध तकनीक की सीमाओं के भीतर लगातार निगरानी, आकलन और विश्लेषण किया तथा महत्वपूर्ण जानकारी नेपाल के साथ समय पर साझा की।

चीनी दूतावास के प्रवक्ता के बयान के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में आपदा के जोखिम वाले स्थान बेहद बिखरे हुए हैं। 4,000 से 5,000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्लेशियल झीलें और बर्फ-पत्थर के बड़े समूह मौजूद हैं। ऐसे इलाकों में नियमित जमीनी सर्वेक्षण के जरिए व्यापक निगरानी मुश्किल है।

दूतावास ने कहा कि खड़ी ढलानों और विशाल तथा जटिल भूभाग में उच्च सटीकता के साथ निगरानी करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा, 25 अप्रैल 2015 को नेपाल में आए भूकंप ने हिमालय के दक्षिणी ढलानों की चट्टानी संरचनाओं को प्रभावित किया था, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चट्टानों के खिसकने का जोखिम और अनिश्चितता बढ़ गई।

चीनी दूतावास ने कहा कि नेपाल और चीन के बीच सीमा-पार आपदा प्रबंधन को लेकर लगातार संपर्क और सहयोग बना हुआ है। दूतावास के अनुसार, 26 अगस्त को चीन मौसम विज्ञान प्रशासन ने नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के साथ तत्काल वर्चुअल बैठक की थी। बैठक में आपदा की स्थिति का आकलन करने और एक-दूसरे के साथ डेटा साझा करने पर चर्चा हुई।

चीन ने कहा कि वह अभी भी नेपाल के साथ जल-मौसम संबंधी सूचनाएं साझा कर रहा है, जिसमें बैरियर लेक यानी प्राकृतिक रूप से बनी अवरोधक झील की निगरानी से जुड़ा डेटा भी शामिल है। दोनों देश मिलकर आपदा राहत और भविष्य में ऐसी आपदाओं की रोकथाम के प्रयास कर रहे हैं।

चीन के मौसम विज्ञान प्रशासन ने नेपाल को ‘MAZU’ नामक चीनी इंटेलिजेंट मौसम पूर्व चेतावनी समाधान के तहत प्रारंभिक अनुकूलित सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं। दूतावास के अनुसार, इससे सीमा पार आपदाओं से निपटने की दोनों देशों की क्षमता मजबूत होगी।

चीनी दूतावास ने कहा कि ये कदम नेपाल की आपदा रोकथाम संबंधी जरूरतों के प्रति चीन के महत्व और सहयोग के ईमानदार रवैये को दर्शाते हैं। चीन ने विश्वास जताया कि इन क्षेत्रों में नेपाल और चीन के बीच आदान-प्रदान एवं सहयोग आगे और मजबूत होगा, जिससे दोनों देशों के लोगों की सुरक्षा और कल्याण को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

anand prakash

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