डीएम के निरीक्षण में सुगांव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुव्यवस्था की खोली पोल
-एसडीओ से रिपोर्ट तलब, सख्त का कार्रवाई का छात्रों को दिया भरोसा
सुगौली। प्रखंड के सुगांव स्थित भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय की बदहाल व्यवस्था को लेकर गुरुवार को बच्चों का दर्द उभर आया। अवसर था जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के निरीक्षण का।
मौके पर सदर एसडीएम अरुण कुमार पांडेय, जिला कल्याण पदाधिकारी संतोष पांडेय और एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार सिंह मौजूद थे। डीएम ने कक्षा में जाकर बच्चों से सीधे बातचीत कर समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अम्बेडकर आवासीय विद्यालय का गहन निरीक्षण किया।
विद्यालय एवं, किचन, क्लास रूम, होस्टल, स्टोर रूम की जांच की। डीएम ने छात्रों से विद्यालय में पढ़ाई, व्यवस्था और सुविधा के बारे जानकारी प्राप्त किया। जहां छात्रों ने एचएम पंकज कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह शिक्षा पदाधिकारी सह विद्यालय के हॉस्टल मैनेजर रणजीत कुमार पर शराब पीकर आने, छात्रों के साथ गाली-गलौज करने और किसी से शिकायत करने पर विद्यालय से निकाल देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए ट्रांसफर करने की मांग की।साथ हीं जो ड्रेस छात्रों को मिलता है, वह बहुत हीं घटिया किस्म का होता है। डीएम ने व्यवस्था को लचर देख जिम्मेवार कर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

यहां जाने की डीएम गुरुवार को तब पहुंचे थे जब उन्हें जानकारी प्राप्त हुआ था कि विद्यालय की व्यवस्था के विरुद्ध विद्यालय के छात्रों ने धरना दिया था। अलबत्ता सूचना के तुरंत बाद डीएम के निर्देश पर एसडीएम, एसडीपीओ, सहायक कल्याण निदेशक, जिला कल्याण पदाधिकारी ने जांच की थी।
इस जांच में खुलासा हुआ कि स्कूल के शिक्षक शराब मांगते हैं बड़ा सवाल है कि आखिर विधालय में शराब कैसे पहुंच जाता हैं। छात्रों का कहना था कि है डीएम के आने पर उनसे शिकायत नहीं करेंगे। जो छात्र करेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। दो दिन पहले खराब भोजन के विरोध में करीब 20 घंटे तक चले छात्रों का भूख हड़ताल मुद्दा भी बच्चों ने डीएम के सामने उठाया। बच्चों ने कहा कि अधिकारियों के जाते हीं भोजन सहित अन्य व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट गई।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत करते हुए विद्यार्थियों ने डीएम से एचएम और बीडब्ल्यूओ को हटाने की मांग की। निरीक्षण में भोजन,मेस और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आईं। डीएम ने जिला कल्याण पदाधिकारी को सभी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने का सख्त निर्देश दिया।
वहीं एसडीओ को महीने में कम से कम एक बार विद्यालय पहुंच कर बच्चों से संवाद करने तथा बीडीओ और थाना प्रभारी को भी नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई तय है।

