तमिलनाडु विधानसभा में नीट के खिलाफ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित, भाजपा विधायक ने किया वॉकआउट
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रणाली को समाप्त करने की मांग वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. अरुणराज ने सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए केंद्र सरकार से नीट परीक्षा प्रणाली को समाप्त करने और 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला देने का आग्रह किया।
विधानसभा की बैठक मंगलवार सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। प्रस्ताव पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक और अन्य कथित अनियमितताओं के कारण छात्रों का इस परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि नीट के कारण तमिल माध्यम से पढ़ाई करने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के मेडिकल शिक्षा हासिल करने के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि 12 वर्षों की स्कूली शिक्षा के प्रदर्शन को नजरअंदाज कर एक दिन की प्रवेश परीक्षा के आधार पर उच्च शिक्षा का फैसला करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, नीट ने निजी कोचिंग संस्थानों के विस्तार को बढ़ावा दिया है और इससे छात्रों एवं उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा ने नीट से छूट की मांग को लेकर वर्ष 2021 में कानून पारित किया था, लेकिन उसे अब तक मंजूरी नहीं मिली है। मंत्री ने नीट को सामाजिक न्याय और छात्रों के हितों के खिलाफ बताते हुए सभी सदस्यों से प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की।
विभिन्न दलों के सदस्यों ने रखे विचार
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के विधानसभा सदस्यों ने नीट से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। सदस्यों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक एवं आर्थिक दबाव तथा नीट से जुड़ी छात्र आत्महत्याओं का भी मुद्दा उठाया।
बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर ने सदस्यों से प्रस्ताव के समर्थन और विरोध में मतदान करने को कहा। मतदान के बाद उन्होंने घोषणा की कि नीट परीक्षा प्रणाली को समाप्त करने की मांग वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया है।हालांकि, प्रस्ताव पर मतदान से पहले नीलगिरी जिले की ऊटी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भोजराजन सदन से वॉकआउट कर गए।
एफसीआरए संशोधन विधेयक के खिलाफ भी प्रस्ताव
विधानसभा में इसके बाद विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक-2026 को उसके मौजूदा स्वरूप में वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करने वाला एक अलग प्रस्ताव पेश किया जाना है। यह प्रस्ताव स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन की ओर से पेश किए जाने की बात कही गई है।
तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा सत्र पांच अगस्त से चल रहा है। पांच अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया था। अगले दिन कृषि बजट पेश किया गया। सात अगस्त को दिवंगत पूर्व विधायकों और फिल्मी हस्तियों समेत अन्य लोगों के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा गया और बजट पर चर्चा शुरू हुई।
सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के सदस्यों के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस भी हुई। इसी क्रम में राज्यों के लिए वित्तीय आवंटन से संबंधित एक प्रस्ताव भी सदन में पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

