बाढ़ के दौरान एनसीडी रोगियों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण
मोतिहारी। जिले के फ्यूशन परियोजना के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में चिकित्सको, स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जिले के चार प्रखंडों के चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधक, फार्मासिस्ट, ब्लॉक सामुदायिक परिचालक को मानसून/ बाढ़ के दौरान असंक्रामक रोगियों की देखभाल करने हेतु तरीके सिखाए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस. एन. सत्यार्थी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला चिकित्सालय, ने किया। प्रशिक्षकों ने बाढ़ के समय गैर संचारी रोगियों को दवाएं न मिलने की गंभीर समस्या पर ध्यान दिलाया और स्वास्थ्य कर्मियों की समुचित तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण का संयोजन जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवम डॉ. रविकांत सिंह ने किया। प्रशिक्षण में डॉ. तुलिका सिंह डब्लूएचओ परामर्शदात्री एवं राज्य एनसीडी प्रकोष्ठ, एसएचएस बिहार डॉ. श्रीजिनी तिरुवनंतपुरम, डॉ. अभिनव कुमार महावीर कैंसर संस्थान, पटना, डॉ. प्रीति बाजपेई राज्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदात्री, बिहार ने मुख्य भूमिका निभाई।

डीएस ने कहा की फ्यूशन परियोजना एक शोध परियोजना है, जो एनआई एचआर यूनाइटेड किंगडम द्वारा वित्त-पोषित है। इसका उद्देश्य उत्तर बिहार (पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा) में मानसून बाढ़ के दौरान एनसीडी रोगियों की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करना है।
यह परियोजना मुजफ्फरपुर टाटा मेमोरियल सेंटर एवं एसएचएस बिहार के सहयोग से संचालित है। बिहार में इसका नेतृत्व प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत, परियोजना प्रभाव प्रमुख कर रही हैं। मौके पर डॉ. राहुल राज , जिला महामारी रोग विशेषज्ञ, नंदन झा, जिला सामुदायिक समन्वयक, अमित कुमार, कवेंद्र सागर आदि उपस्थित थे।

