मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में शुरू की हेली टूरिज्म योजना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में शुरू की हेली टूरिज्म योजना
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पटना। बिहार में पर्यटन विकास को गति देने को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 का शुभारंभ किया।इस योजना के तहत अब आम लोग भी हेलीकॉप्टर के जरिए बिहार के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

पर्यटन विभाग के अनुसार योजना का व्यावसायिक संचालन 18 जुलाई से शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन बुकिंग तत्काल प्रभाव से विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है।

उद्घाटन समारोह में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की पहचान केवल उसके गौरवशाली इतिहास से नहीं, बल्कि बदलती तस्वीर से भी बन रही है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर बिहारी को राज्य का ब्रांड एंबेसडर बनना होगा। तभी बिहार अपनी प्राचीन प्रतिष्ठा को देश और दुनिया में दोबारा स्थापित कर सकेगा।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोग अब बिहार को बदलते हुए देखकर आश्चर्य व्यक्त करते हैं। पहले राजधानी में आने वाले पर्यटक गांधी मैदान और मौर्य होटल तक ही सीमित रह जाते थे, लेकिन अब पटना में ताज होटल आ चुका है और दो बड़े होटल समूह भी निवेश करने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बांकीपुर में विकसित हो रही होटल परियोजना से सरकार को हर वर्ष लगभग 17 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होगी।

जबकि अशोका होटल से करीब 8.5 करोड़ रुपये सालाना आय होगी। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि पर्यटन केवल सांस्कृतिक पहचान ही नहीं, बल्कि राजस्व का भी बड़ा स्रोत बन सकता है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अभी सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारी अनुदान दे रही है, लेकिन ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए कि आने वाले समय में पर्यटन विभाग स्वयं सरकार के लिए आय का बड़ा स्रोत बने।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में पटना स्काईलाइन जॉय राइड के लिए यात्री 2,100 रुपये देते हैं, जबकि सरकार प्रति टिकट लगभग 15 हजार रुपये तक का अनुदान वहन कर रही है।

भविष्य में इस मॉडल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि हेलीकॉप्टर सेवा केवल सप्ताह में दो दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

इसे प्रतिदिन संचालित करने की व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर एक की जगह पांच हेलीकॉप्टर तक संचालित किए जाएं और निजी कंपनियों को भी इसमें भागीदारी दी जाए।मुख्यमंत्री ने पर्यटन के विस्तार के लिए रोपवे परियोजनाओं पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक समय फिल्म अभिनेता देवानंद और अभिनेत्री हेमा मालिनी के राजगीर रोपवे पर घूमने की तस्वीरों ने पूरे देश का ध्यान बिहार की ओर खींचा था। उसके बाद राज्य में सीमित संख्या में ही रोपवे विकसित हो सके।

उन्होंने कहा कि अब पूरे दक्षिण बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों और गंगा नदी के ऊपर भी रोपवे विकसित करने की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पटना से हरिहरनाथ मंदिर तक गंगा के ऊपर रोपवे बन जाए तो यह देश का बड़ा पर्यटन आकर्षण बन सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की तपोभूमि बिहार में दुनिया भर के पर्यटकों के आने की अपार संभावनाएं हैं।बिहार ने विश्व को स्वर्णिम इतिहास दिया है और अब आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के माध्यम से उसी गौरव को फिर से स्थापित करने का समय है।

पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा से पर्यटक कम समय में राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

इससे घरेलू और विदेशी दोनों तरह के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।योजना के पहले चरण में पर्यटकों के लिए पटना स्काईलाइन जॉय राइड की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके तहत हेलीकॉप्टर से पटना शहर के ऊपर लगभग 10 मिनट की हवाई सैर कराई जाएगी, जिसका किराया 2,100 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से प्रमुख पर्यटन स्थलों तक भी पहुंचा जा सकेगा। निर्धारित किराया इस प्रकार है।

राजगीर – ₹4,000 प्रति यात्री

वाल्मीकिनगर – ₹5,000 प्रति यात्री

मां मुंडेश्वरी धाम (कैमूर) – ₹6,000 प्रति यात्री

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सेवाओं पर सरकार प्रति टिकट अधिकतम 15,422 रुपये तक का अनुदान दे रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बोधगया में बनने वाले विश्वस्तरीय ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास किया।

इसके अलावा 28.50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।

साथ ही पर्यटन नीति के तहत मुजफ्फरपुर एम्यूजमेंट पार्क परियोजना और मुख्यमंत्री होम स्टे नीति के लाभार्थियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी, बेहतर पर्यटन सुविधाओं, निजी निवेश और नई परियोजनाओं के माध्यम से बिहार पर्यटन अब नई उड़ान भरने जा रहा है। इससे राज्य में पर्यटन आधारित रोजगार बढ़ेगा, निवेश आकर्षित होगा और बिहार की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

anand prakash

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