एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर एक बांग्लादेशी नागरिक को किया गिरफ्तार
रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध आवाजाही रोकने के लिए चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान सशस्त्र सीमा बल ने मंगलवार की देर रात एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अवैध रूप से भारत में रह रहा था और रक्सौल के रास्ते नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एसएसबी की टीम ने उसे पकड़कर हरैया थाना पुलिस को सौंप दिया, जहां उससे गहन पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, हरैया थाना क्षेत्र के कस्टम चौक स्थित मैत्री पुल के समीप भारत से नेपाल जाने वाले मार्ग पर एसएसबी की नियमित जांच चल रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक,जो नेपाल की तरफ जा रहा था, उसको रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पहचान और दस्तावेजों की जांच में उसकी पहचान मो. श्याम हुसैन (28 वर्ष), पिता गियासुद्दीन, निवासी बरोएगांव, थाना श्रीनगर, जिला मुंशीगंज, ढाका (बांग्लादेश) के रूप में हुई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था और बिना किसी वैध दस्तावेज के नेपाल में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। पूछताछ के बाद एसएसबी ने आरोपी को हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह भारत में कब, किस रास्ते और किन लोगों की मदद से दाखिल हुआ। इसके अलावा उसके नेपाल जाने के उद्देश्य और संभावित संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है।सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के दृष्टिकोण से गंभीरता से ले रही हैं।
हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि एसएसबी द्वारा पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक को थाना को सुपुर्द किया गया। उससे विस्तृत पूछताछ गई। जांच के आधार पर उसके विरुद्ध विदेशी नागरिकों एवं अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि बीते मंगलवार को ही रक्सौल से सटे हरपुर बॉर्डर पर भी बिना वैध वीजा के भारत में प्रवेश करने के आरोप में एक यूक्रेनी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस तरह से घुसपैठ की लगातार मामले सामने आ रहे। अलबत्ता भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां निगरानी और चौकसी और कड़ी कर दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में एसएसबी लगातार गश्त, सघन जांच और पहचान सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिससे अवैध घुसपैठ और सीमा पार गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

