महिला एवं बाल विकास निगम और जिला प्रशासन की अनूठी पहल: आदापुर के धबधबवा गांव में ‘सखी वार्ता’ का हुआ सफल आयोजन
मोतिहारी। महिला एवं बाल विकास निगम एवं जिला प्रशासन, के संयुक्त तत्वाधान में गुकूवार को जिले के आदापुर प्रखंड अंतर्गत धबधबवा गांव में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जीविका समूह की दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ‘सखी वार्ता’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना और उन्हें समाज में अपने अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र राम ने कहा कि जीविका दीदियां समाज में बदलाव की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सुदृढ़ीकरण के लिए चलाई जा रही विभागीय योजनाओं यथा वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की विस्तृत जानकारी दी और महिलाओं से इन योजनाओं का सीधा लाभ उठाने की अपील की।
जिला मिशन समन्वयक निधि कुमारी ने महिलाओं और बच्चियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हर महिला को सुरक्षित और आत्मनिर्भर माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सखी वार्ता’ जैसे मंचों के माध्यम से हम सीधे धरातल पर महिलाओं से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझ रहे हैं और उनका समाधान कर रहे हैं।
विशेष रूप से, कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को टोल-फ्री महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, प्रताड़ना, बाल विवाह या आपातकालीन स्थिति में महिलाएं इस नंबर पर चौबीसों घंटे (24×7) मुफ्त कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। यह हेल्पलाइन पीड़ित महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता, कानूनी सलाह और काउंसिलिंग जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने में मदद करती है।
वहीं, जेंडर विशेषज्ञ निर्भय कुमार ने लैंगिक समानता, बाल विवाह उन्मूलन और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया। उन्होंने जीविका दीदियों को कानूनी अधिकारों और जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ उपलब्ध सहायता प्रणालियों के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता में विशेषज्ञ रितेश कुमार जीविका के स्थानीय समन्वयक, महिला एवं बाल विकास निगम के कर्मी तथा भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और जीविका दीदियां उपस्थित थीं।

