युवाओ में बढ रहा स्पाइन की समस्या,सर्वाइकल एवं लम्बर रेडिकुलोपैथी का भी प्रकोप : डॉ. गोपाल
मोतिहारी। विश्व स्पाइन दिवस के अवसर पर शहर के मिस्कौट स्थित जनसेवा स्पाइन फिजियोथेरेपी एवं पेन रिलीफ क्लिनिक में चम्पारण समाज कल्याण मंच के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट एवं स्पाइन एक्सपर्ट डॉ. गोपाल कुमार सिंह ने बताया कि आजकल आधुनिक जीवनशैली में बैठने, उठने, काम करने के गलत तरीके, बैड पोश्चर एवं विटामिन डी की कमी के कारण युवाओं में गर्दन दर्द एवं कमर दर्द की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस, सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी गर्दन दर्द के लिए एवं लंबर स्पोंडिलाइटिस तथा स्पाइनल कैनाल स्टीनोसिस, स्लीप डिस्क कमर दर्द के लिए प्रमुख कारण माना जाता है।
डॉ. गोपाल ने कहा कि स्पाइन यानी रीढ़ के हड्डी की समस्या से बचाव के लिए आगे झुक कर कोई भारी वजन का समान उठाने से बचना चाहिए, लंबे समय तक एक ही पोजीशन यानी अवस्था में नहीं बैठे, ज्यादा देर तक खड़े होकर कोई काम करने से परहेज करें, गर्दन आगे झुकाकर कम्प्यूटर पर अथवा कोई भी काम नहीं करें, बाइक या स्कुटी चलाते समय मोबाइल पर बात करने से बचें, संतुलित कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करें एवं फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा बताया हुआ व्यायाम नियमित करें।
गर्दन दर्द से बचाव के लिए पतले एवं मुलायम तकिया का उपयोग करें। कमर दर्द से बचने हेतु मोटे एवं गद्देदार बिछावन पर सोने से बचें, लंबे समय तक बैठकर कोई काम कर रहे है तो बीच में एक घंटे के अंतराल पर 5 मिनट उठकर तहल ले फीर अपना काम करे। बिछावन से उठकर उतरते समय साइड में करवट होकर ले बेड से उतरे। भारी वजन का समान उठाते समय जल्दीबाजी नही करे, सावधानी बरतें।

