सम्राट कैबिनेट की बैठक में 45 एजेंडों पर मुहर
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 45 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पांच नए निजी विश्वविद्यालय खोलने और चार जिलों में नए कोर्ट भवनों के निर्माण का फैसला लिया गया।कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य के पांच जिलों में नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इनमें मधुबनी में शांजा यूनिवर्सिटी, नवादा के अशोक नगर में एस.ए. यूनिवर्सिटी, पटना में हिमालय यूनिवर्सिटी, औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग यूनिवर्सिटी और सीवान में एक निजी विश्वविद्यालय शामिल है।
सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और छात्रों को राज्य में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही त्वतरित न्याय सुलभ कराने और न्यायिक आधारभूत संरचना के विस्तार को ले कर कैबिनेट ने सीवान के महाराजगंज में कोर्ट भवन, एमेनिटी भवन और हाजत निर्माण के लिए 34.33 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। वही पूर्वी चंपारण जिले में 20 कोर्ट भवनों के निर्माण के लिए 53.02 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।बेगूसराय में 15 कोर्ट भवनों वाले जी+7 भवन के लिए 39.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। वहीं नवादा के रजौली में 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी भवन और हाजत भवन के निर्माण पर 38.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।बैठक में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति से जुड़ी नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी।कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि सरकार शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का सीधा लाभ छात्रों, खिलाड़ियों, पर्यटकों और आम लोगों को मिलने की उम्मीद है। कैबिनट ने पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले 60 मीटर से 250 मीटर लंबाई वाले कुल 479 पुलों का स्वतंत्र (इंडिपेंडेंट) थर्ड पार्टी ब्रिज सेफ्टी ऑडिट कराने का भी निर्णय लिया है।इसके लिए सरकार ने 47.78 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पुलों की वर्तमान स्थिति, उनकी संरचनात्मक मजबूती और भविष्य में सुरक्षित उपयोग की क्षमता का आकलन करने के लिए यह ऑडिट होगा। इससे पुलों में मौजूद संभावित खामियों की पहचान कर समय रहते मरम्मत और आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे।
ऑडिट कार्य के लिए राज्य के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों से प्राप्त दरों के आधार पर किया गया है। इसमें एनआईटी पटना, एमआईटी मुजफ्फरपुर, बीसीई भागलपुर और बीआइटी सिंदरी द्वारा दी गई दरों में से न्यूनतम दर को शामिल किया गया है।
वहीं, पुलों की भार वहन क्षमता (लोड टेस्ट) के लिए आईआईटी पटना और आईआईटी दिल्ली से प्राप्त दरों के आधार पर प्रविधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के पुलों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा आम लोगों की आवाजाही अधिक सुरक्षित बन सकेगी।
सम्राट कैबिनेट के अन्य निर्णय
-प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान योजना के तहत प्रायोजित परंपरागत कृषि विकास योजना के लिए 30.60 करोड़।
-राष्ट्रीय खाद्य तेल-तेलहन मिशन के तहत वर्ष 2026-27 में 36.18 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी।
-कृषि प्रसार एवं किसानों के प्रशिक्षण के लिए बामेती और जिला स्तरीय आत्मा इकाइयों को 148.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
-भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और बिहार पुरातत्व निदेशालय के बीच ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार और रखरखाव के लिए एमओयू को मंजूरी।
-बिहार यात्रा-भत्ता नियमावली, 1949 के नियम 69(2) को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
-स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण की अवधि बढ़ाते हुए 24.67 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई।
-मत्स्य निदेशालय के अधीन कनीय अभियंता संवर्ग के 40 पदों का पुनर्गठन और चिन्हितीकरण स्वीकृत।
-अमृत 2.0 के तहत छपरा सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए 76.48 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति
-केंद्र सरकार और नगर निकायों के साथ एमओयू कर बिहार को अर्बन चैलेंज फंड मिशन से जोड़ा जाएगा।
-मुंगेर के तारापुर में पर्यटन और धार्मिक सुविधाओं के विकास हेतु 15 एकड़ भूमि 99 वर्ष के लिए एक रुपये टोकन मूल्य पर लीज पर देने की मंजूरी।
-महाराजगंज, मोतिहारी, बेगूसराय और रजौली में नए न्यायालय परिसरों के निर्माण के लिए कुल 164 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति।
-तत्कालीन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी अंजली कुमारी आनंद को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गई
-दलाई लामा से जुड़े नामग्याल तांत्रिक कालेज को 50 वर्षों के लिए सरकारी भूमि लीज पर देने का निर्णय
-औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा एवं मजदूरी संहिता से जुड़ी बिहार नियमावलियों को मंजूरी।
-धार्मिक और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को 99 वर्षों के लिए भूमि लीज पर देने का निर्णय।
-बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी देकर निवेश आकर्षित करने का रास्ता साफ।
-जेल विभाग में बिहार कक्षपाल संवर्ग (संशोधन) नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय।
-सहायक प्रशाखा पदाधिकारी का एक अतिरिक्त पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।

