भारी विरोध के बाद बलपूर्वक वाटर पार्क के लिए चिह्नित भूमि की हुई मापी
-एसडीओ एवं डीएसपी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पीपराकोठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय वानिकी एवं उद्यानिकी महाविद्यालय के समीप प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए सोमवार को भूमि की पैमाइश की गई। इस दौरान अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने की मांग को लेकर ग्रामीण खेत में लेट गए, जिसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पैमाइश का कार्य पूरा कराया गया।
यह वाटर पार्क 14 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस जमीन पर वाटर पार्क बनाने की तैयारी चल रही है, उससे उनका दशकों पुराना संबंध है। वे करीब 70 वर्षों से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं और नियमित रूप से सरकार को लगान भी देते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि उनके परिवारों की आजीविका का आधार है। पैमाइश शुरू होते ही बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। विरोध कर रहे कई ग्रामीण जमीन पर लेट गए और प्रशासन से कार्रवाई रोकने की अपील करने लगे। ग्रामीणों ने पैमाइश टीम के आगे बढ़ने का रास्ता भी रोका। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे लोगों को मौके से हटाया। इस दौरान कुछ महिलाएं भावुक दिखीं, जबकि पुरुष ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया, जिसके बाद पैमाइश का कार्य आगे बढ़ सका। प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि माली गैरमजरूआ श्रेणी की सरकारी जमीन है।
इसी पर प्रस्तावित वाटर पार्क का निर्माण किया जाना है। पैमाइश कार्य सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहरा और सदर-2 डीएसपी जितेश पाण्डेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। बाद में जेसीबी मशीन से जमीन की मार्किंग भी की गई। मौके पर पुलिस निरीक्षक सुरेश यादव, अंचलाधिकारी सुनील कुमार, थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह, राजस्व कर्मचारी सबिता कुमारी और रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौजूद थे।

