70वीं बीपीएससी में दवा व्यवसाई के पुत्र धीरज ने मारी बाजी, बने बीडीओ
कोटवा। इरादे अगर बुलंद हो और मेहनत पर भरोसा हो तो मंजिल जरूर हासिल हो जाती है। इसी तरह की बानगी आज के युवाओं के समक्ष कोटवा के धीरज ने प्रस्तुत किया है। बीपीएससी की 70वीं बैच की परीक्षा में बाजी मार कर के बाद परिवार समेत पूरे जिले सहित कोटवा का नाम रौशन किया है। कोटवा पंचायत के ओझा टोला गांव निवासी दवा व्यवसाई संतोष प्रसाद और सरस्वती देवी के पुत्र धीरज शुरू से ही मेधावी छात्र रहे है। बालगंगा के एमएस मेमोरियल स्कूल से मैट्रिक और एमएस कॉलेज मोतिहारी से इंटर करने के बाद वे उड़ीसा के भुनेश्वर में सीबी रामन ग्लोबल साइंस इंस्टीच्यूट से कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त किए।
तकरीबन दो साल तक आईटीसी इन्फोटेक बैंगलोर के सॉफ्टवेयर डेवलपर का जाब किए। इस बीच उन्होंने एक बार ऐसे ही बीपीएससी की परीक्षा दी, जिसमें बहुत कम अंक से असफल हों गए। इसके बाद तात्कालिक नौकरी छोड़कर पटना में ही कम्पीटिशन की तैयारी शुरू कर दी और इस बार बीपीएससी की 70 वीं परीक्षा में 1539 रैंक हासिल कर रुरल डेवलेपमेंट ऑफिसर बने है। धीरज ने अपने सफलता का श्रेय चाचा बाल्मीकि प्रसाद सहित माता , पिता और शिक्षकों को दिया है। आज के छात्रों के लिए धीरज का कहना है कि पढ़ाई में निरंतरता रहेगी और पूरे लग्न के साथ पढाई कर इस परीक्षा में रिजल्ट लिया जा सकता है । रविवार को उनके कोटवा पहुंचते ही बधाई देने वाले का तांता लगा है।

