नेपाल के प्रसिद्ध गढ़ीमाई मंदिर परिसर में भव्य योग शिविर का आयोजन
-योग किसी निश्चित धर्म या समुदाय का नहीं बल्कि मानव जाति के लिए प्रकृति का अनुपम उपहारः मो. समीर
रक्सौल। नेपाल के विश्व प्रसिद्ध बारा जिला के गढ़ीमाई मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। महागढीमाई नगरपालिका और भारतीय दूतावास के विशेष सहयोग से आयोजित इस योग शिविर में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। महागढीमाई नगरपालिका के नगर प्रमुख (मेयर) उपेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में संपन्न इस विशेष कार्यक्रम में मधेश प्रदेश के भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्री मो. समीर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
विशिष्ट अतिथियों में भारतीय दूतावास वीरगंज के प्रमुख डी.एस. मीना, बारा प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) धर्मेन्द्र कुमार मिश्र, नेपाल पुलिस के पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार कुंवर, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के गणपति तथा राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के एसपी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर मंत्री मोहम्मद समीर ने कहा कि ”योग किसी निश्चित धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए प्रकृति द्वारा दिया गया एक अनुपम उपहार है। आज के तनावपूर्ण आधुनिक युग में मानसिक शांति और शारीरिक तंदुरुस्ती के लिए योग अनिवार्य हो चुका है। मंत्री ने यह भी प्रतिबद्धता जताई कि मधेश प्रदेश सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने की नीति अपनाएगी।
”नेपाल-भारत सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है योग” भारतीय दूतावास वीरगंज के प्रमुख डी.एस. मीना ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को योग ने और अधिक मजबूती प्रदान की है। आने वाले दिनों में भी ऐसे सकारात्मक और लोक-कल्याणकारी कार्यों में भारतीय दूतावास का सहयोग निरंतर जारी रहेगा।”
कार्यक्रम के समापन पर सभाध्यक्ष एवं महागढीमाई नगरपालिका के नगर प्रमुख उपेन्द्र प्रसाद यादव ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए भारतीय दूतावास, सुरक्षा निकायों, शिक्षकों, छात्रों और सभी नगरवासियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित अतिथियों, सुरक्षाकर्मियों, विद्यार्थियों और आम जनता ने योग गुरुओं के मार्गदर्शन में विभिन्न आसनों और प्राणायामों का सामूहिक अभ्यास किया। गढ़ीमाई मंदिर के शांत वातावरण में गूंजते योग मंत्रों और हजारों लोगों के एक साथ योगाभ्यास से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक और ऊर्जामय हो उठा।

