मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए महिलाओं को ठगने वाले मोतिहारी के दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए महिलाओं को ठगने वाले मोतिहारी के दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
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-500 फर्जी म्यूल बैंक खातों को खुलवाकर किया था ठगी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने मैट्रीमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के सरगना समेत दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की गई है। गिरोह के सदस्य विदेशी पार्सल और फर्जी कस्टम अधिकारियों का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करते थे।

रविवार को पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र तथा सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विदुष सक्सेना ने मामले का खुलासा करते बताया कि 13 मार्च को वाराणसी की एक महिला (काल्पनिक नाम पूनम) ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने मैट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर उसे अपने झांसे में लिया और विदेश से पार्सल भेजने के नाम पर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर उससे ठगी कर ली।

शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और निगरानी के आधार पर बिहार के मोतिहारी से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान पूर्वी चंपारण (बिहार) के बेलीसराय निवासी विजय कुमार तथा चांदमारी मोहल्ला निवासी रोहित रंजन के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विभिन्न मैट्रीमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से संपर्क करते थे। इसके बाद स्वयं को विदेश में रहने वाला सफल व्यवसायी बताकर भरोसा जीतते और महंगे उपहार, जैसे घड़ी, मोबाइल फोन एवं आभूषण भेजने का झांसा देते थे। पार्सल प्राप्त कराने के नाम पर गिरोह के अन्य सदस्य फर्जी कस्टम अधिकारी, जीएसटी अधिकारी या ड्रग विभाग के अधिकारी बनकर पीड़ितों से धनराशि वसूलते थे।

पुलिस के अनुसार ठगी से प्राप्त रकम को गिरोह द्वारा संचालित फर्जी ‘म्यूल’ बैंक खातों में स्थानांतरित कर कई स्तरों पर घुमाया जाता था, जिसके बाद नकदी निकाल ली जाती थी। जांच में अब तक यह तथ्य सामने आया है कि गिरोह ने अपने नेटवर्क के माध्यम से करीब 500 फर्जी म्यूल बैंक खाते खुलवाए थे और इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जाता था।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त रोहित रंजन बीटेक का छात्र है, जबकि उसका साथी विजय कुमार आठवीं कक्षा तक शिक्षित है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।

anand prakash

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