अवैध हथियार रखने के मामले में युवक को तीन वर्ष की सजा, दस हजार जुर्माना
मोतिहारी। आर्म्स एक्ट के एक मामले में षष्ठम अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्वेता सिंह की अदालत ने नामजद अभियुक्त को दोषी पाते हुए तीन वर्षों के सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त दो माह की साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सजा मधुबन थाना क्षेत्र के राहुआमन निवासी मौजीलाल सहनी के पुत्र प्रिंस कुमार को सुनाई गई। यह मामला मधुबन थाना कांड संख्या 321/2025 से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार अभियुक्त के पास से अवैध हथियार बरामद होने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान सहायक अभियोजन पदाधिकारी संजीव कुमार वर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने प्रिंस कुमार को धारा 25(1बी) एवं 26 आर्म्स एक्ट के तहत दोषसिद्ध करार देते हुए उक्त सजा सुनाई। अदालत के फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मामले को लेकर काफी चर्चा रही।

