मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ पर बनेगा मरीन ड्राइव , कार्य शीघ्र शुरू कराने मुख्यमत्री ने दिया निर्देश
मुंगेर/भागलपुर।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में प्रस्तावित मुंगेर (सफियाबाद)- बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज गंगा पथ एवं सुल्तानगंज- भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजना की समीक्षात्मक बैठक मंगलवार देर शाम हुई।बैठक में कार्य शीघ्र शुरू कराने का मुख्यमत्री ने निर्देश दिया। मुंगेर स्थित बबुआघाट पर आयोजित इस समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना के भू-अर्जन इत्यादि के काम में तेजी लाकर शीघ्र इस परियोजना का कार्य शुरू कराएं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुंगेर शहरवासियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसको ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित गंगा पथ परियोजना के एलाइनमेंट का कार्य सुनिश्चित कराएं। मुंगेर से बरियारपुर के बीच स्थल चिन्हित कर ऐसी योजना बनाएं जहां नया शहर बसाया जा सके। औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी जमीन चिन्हित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेर एयरपोर्ट को भी विकसित करें। यहां ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कराएं कि रात्रि में भी आसानी से लैंडिंग हो सके। प्रस्तावित मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना को यथासंभव एटग्रेड बनायें ताकि शहर सुरक्षा बांध के रूप में भी काम करे। एलिवेटेड कम से कम रखें। इस प्रकार से एलाइनमेंट करें कि अधिक से अधिक पथों एवं पुलों की कनेक्टिविटी हो सके।
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ (मरीन ड्राइव) परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। मुंगेर स्थित बबुआघाट पर स्थल निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए।
इससे पहले मुंगेर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बिहार योग विद्यालय के पादुका दर्शन आश्रम परिसर में स्वामी निरंजनानंद सरस्वती से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पादुका दर्शन आश्रम में भगवान तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति का दर्शन कर आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खगड़िया जिले का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भागलपुर जिले के विक्रमशीला पुल का हवाई अवलोकन भी किया। अपने खगड़िया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मां कात्यायनी मंदिर में पूजा की।
उल्लेखनीय है कि मुंगेर-सुल्तानगंज गंगा पथ परियोजना गंगा नदी के समानांतर सफियाबाद (मुंगेर) से सुल्तानगंज (भागलपुर) तक एक 4-लेन एलिवेटेड एवं एट-ग्रेड कॉरिडोर के निर्माण से संबंधित है। परियोजना की कुल लंबाई 42.0 किमी है, जिसमें लगभग 30.12 किमी एट-ग्रेड तथा 11.88 किमी एलिवेटेड सम्मिलित हैं।
यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसकी कुल अनुबंध लागत 5327.00 करोड़ है। इस मॉडल में सरकार द्वारा 40 प्रतिशत एवं निजी डेवलपर द्वारा 60 प्रतिशत निवेश किया जाता है, जिससे परियोजना के वित्तीय जोखिम का संतुलित वितरण सुनिश्चित होता है। परियोजना की निर्माण अवधि 4 वर्ष निर्धारित है। यह कॉरिडोर गंगा नदी के किनारे उच्च गति एवं निर्बाध यातायात सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है, जिससे मुंगेर एवं भागलपुर के बीच क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा।

