लोक अदालत की सफलता को हुई समीक्षा बैठक
- न्यायिक अधिकारियों के साथ कार्यपालक पदाधिकारियों की बैठक 9 मई को लगेगी लोक अदालत
मोतिहारी। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर न्यायिक अधिकारियों के साथ जिलेभर के सभी कार्यपालक पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता नितिन त्रिपाठी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी ने की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित वादों की विस्तृत
समीक्षा की गई। विशेष रूप से श्रम वाद, खनन संबंधी वाद, बन्य बाद तथा ट्रैफिक चालान (ई-चालान) मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया। सभी संबंधित पदाधिकारियों को
निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों में लंबित मामलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार करें तथा संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस तामिला सुनिश्चित
कराते हुए अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में लाकर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें। बताया गया कि जिले में बड़ी संख्या में ई चालान लंबित हैं, जिनमें से कई मामले 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। ऐसे मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष पहल की जा रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से वाहन मालिक एवं चालकों को राहत प्रदान करते हुए उन्हें केवल 50 प्रतिशत राशि जमा कर चालान निपटाने का अवसर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल लंबित मामलों में कमी
आएगी, बल्कि आम नागरिकों को सुलभ एवं त्वरित न्याय भी प्राप्त होगा। ट्रैफिक चालान मामलों के प्रभावी निष्पादन के लिए महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में तीन विशेष बेंचों का गठन किया गया है, जहां संबंधित मामलों की सुनवाई कर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि इस योजना एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें। बैठक में जिला
सूचना पदाधिकारी ज्ञानेश्वर प्रकाश, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, माप तौल अधिकारी अजय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी निवेदिता कुमारी, उप समाहर्ता निधि कुमारी, श्रम पदाधिकारी रमाकांत कुमार, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई अक्षय कुमार उपस्थित रहे। बाद में सचिव ने सभी पदाधिकारियों से कहा कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पूरी तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि अधिक से अधिक वादों का निष्पादन कर इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जा सके।

