17वीं जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का सांसद ने किया उद्घाटन
-जिले के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई उपलब्धियां हासिल की : राधामोहन
मोतिहारी। नेहरू स्टेडियम में जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित 17वीं जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह ने उद्घाटन के बाद शुभारंभ किया। श्री सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती है, बल्कि युवाओं में अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की भावना भी विकसित करती है।
एथलेटिक्स खेलों की आत्मा है। यह केवल दौड़, कूद और फेंक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन के संघर्ष, धैर्य और जीत की कहानी भी है। जब एक खिलाड़ी ट्रैक पर दौड़ता है, तो वह केवल खुद के लिए नहीं, बल्कि अपने जिले, अपने राज्य और अपने देश के लिए दौड़ता है। आज भारत खेलों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने खेलों को नई दिशा और ऊर्जा दी है। “खेलो इंडिया अभियान” के माध्यम से देशभर में खेल प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।”टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम” के तहत खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिल रही है।देशभर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। खिलाड़ियों को नौकरी, स्कॉलरशिप और सम्मान के नए अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में नए स्टेडियम और खेल सुविधाओं का निर्माण, ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि और स्कूल व कॉलेज स्तर पर भी खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज भारत ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बिहार राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में पूर्वी चंपारण के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई उपलब्धियां हासिल की हैं और जिले का नाम रौशन किया है।
पटना में आयोजित प्रतियोगिता में पूर्वी चंपारण एथलेटिक्स संघ के खिलाड़ियों ने कुल 23 पदक जीते, जिसमें 3 स्वर्ण, 10 रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं।भुवनेश्वर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पूर्वी चंपारण के सेतु मिश्रा ने बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीता था। मुजफ्फरपुर में आयोजित प्रतियोगिता में पूर्वी चंपारण ने सर्वाधिक पदक जीतकर विजेता का खिताब अपने नाम किया था।
यह शानदार प्रदर्शन और उपलब्धियां दर्शाता है कि पूर्वी चंपारण अब एथलेटिक्स में उभरता हुआ जिला बन रहा है। इन शानदार प्रदर्शन और उपलब्धियों के पीछे डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक्स एसोसिएशन,मोतिहारी का कड़ा प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत है। इस तरह की प्रतियोगिताएं यह साबित करती हैं कि अब प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रही है। उन्होने कहा कि जीत और हार जीवन का हिस्सा है, लेकिन खेल भावना सबसे बड़ी जीत होती है।
मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी विजेता होता हैं, क्योंकि वह साहस, अनुशासन और संघर्ष की राह चुनता है।अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास निश्चित ही आपको एक दिन सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाएगा।अभिभावकों से भी कहना चाहता हूं कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल के लिए भी प्रेरित करें। मैं जिला प्रशासन, खेल विभाग, आयोजन समिति, सभी शिक्षकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को धन्यवाद देता हूं,जिनके प्रयास से यह भव्य आयोजन संभव हुआ है।

