रक्सौल में मनी एक्सचेंज काउंटर की स्थापना से लोगों को मिलेगी राहत,विभिन्न सामाजिक संगठनों ने की मांग
रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा का प्रमुख प्रवेश द्वार रक्सौल अपनी पौराणिक, ऐतिहासिक, व्यावसायिक एवं सामरिक महत्ता के कारण हमेशा चर्चा में रहता है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के चलते यहां से दोनों देशों के लोगों का निरंतर आवागमन होता है।
रक्सौल बाजार में भारतीय मुद्रा के साथ-साथ नेपाली मुद्रा का भी प्रचलन है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से एक गंभीर समस्या सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर अवैध सटही (मनी एक्सचेंज) काउंटर संचालित हो रहे हैं, जहां कृत्रिम रूप से भारतीय मुद्रा की कमी दिखाकर नेपाली रुपये के बदले भारी बट्टा (कटौती) वसूला जा रहा है। इससे आम लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
भारत विकास परिषद शाखा रक्सौल, रक्सौल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, लायंस क्लब ऑफ रक्सौल,टेक्सटाइल चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडो-नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने संयुक्त रूप से भारत सरकार से मांग किया है कि रक्सौल में अधिकृत मनी एक्सचेंज काउंटर शीघ्र शुरू किया जाए।
संगठनों का कहना है कि यदि भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत अधिकृत काउंटर स्थापित हो जाता, तो रुपये के विनिमय में पारदर्शिता आएगी और आम नागरिकों को ठगी से राहत मिलेगी। व्यापारिक संगठनों ने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय नागरिकों के हित में है, बल्कि दोनों देशों के बीच सुगम एवं सुरक्षित वित्तीय लेन-देन को भी बढ़ावा देगी।

