फरहीन ने रचा इतिहास: पंचायती राज में महिला भागीदारी पर शोध के लिए पीएचडी अवॉर्ड से सम्मानित
पूर्वी चंपारण। फरहीन ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। समाजसेवी अजहर हुसैन अंसारी की पुत्री फरहीन को “पंचायती राज संस्थाओं में महिला सहभागिता: पूर्वी चंपारण जिले का एक विशेषात्मक अध्ययन” विषय पर उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए डॉक्टरेट ऑफ फिलॉस्फी (PhD) की उपाधि प्रदान की गई।
शनिवार को मोतिहारी स्थित बापू प्रेक्षागृह में आयोजित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू) के तृतीय दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव ने फरहीन को अवॉर्ड प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फरहीन ने एमजीसीयू के गांधी एवं शांति अध्ययन विभाग, सामाजिक विज्ञान संकाय के सहायक आचार्य डॉ. विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण शोध कार्य पूरा किया। उनके शोध में पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी, चुनौतियों और संभावनाओं का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
इस उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। फरहीन को बधाई देने वालों में पूर्व प्राचार्य शशिकला कुमारी, मदन प्रसाद, प्रोफेसर जगदीश विद्रोही, डॉ. प्रमोद स्टीफन, डॉ. लिली स्टीफन, अधिवक्ता दिनेश्वर प्रसाद, यमुना प्रसाद, उनके पति फैयाज अहमद, पिता अजहर हुसैन अंसारी, माता महजबीन प्रवीण, ससुर एजाज़ अहमद, सास नज़्मून नेशा, भाई इरफान अंसारी, समीर अंसारी एवं बहन फरहत प्रवीण सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हैं। फरहीन की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

