जहरीली शराब से सात मौत के बाद भी दीक्षांत समारोह में मोतिहारी पहुंचे किसी नेताओं ने नहीं जताई संवेदना

जहरीली शराब से सात मौत के बाद भी दीक्षांत समारोह में मोतिहारी पहुंचे किसी नेताओं ने नहीं जताई संवेदना
Facebook WhatsApp

 

मोतिहारी। सरकार एवं नुमाइंदे सहित ब्यूरोक्रेट शराब को लेकर मजाक बनकर रह गये है, लेकिन इस शराबबंदी का कोई असर नहीं है। अलबत्ता सरकार एवं नुमाइंदे शराबबंदी के नाम पर लूटने में जुटे हैं।  उन्हें फायदा है, तस्कर उन्हें उन्हें पैसा पहुंचाते है।  

नतीजतन मिलावटी शराब, दो नंबरी शराब की खेप का आना बदस्तूर जारी है। मोतिहारी सहित बिहार की सीमा खुली हुई है। जाहिर है पुलिस इस तस्करी को और शराब की सप्लाई को लाख प्रयास के बाद भी नहीं रोक पाने में विफल है।आश्चर्यजनक है कि पूर्वी चंपारण में जहरीली शराब मौत का सिलसिला जारी है।

दीगर है कि यह कोई पहली घटना नहीं है । इसके पू्र्व इस जिले में जहरीली शराब से मौत हुई है। जिसके गवाह प्रशासनिक लोग भी है।फिलहाल बाल गंगा में मरने वालों की संख्या 7 पर पहुंच गई है। आश्चर्यजनक तो इस बात को लेकर है कि आज मोतिहारी में एमजीसीयू के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार सरीखे कई जबाबदेह आये थे, लेकिन किसी ने भी मृतक परिजनों के प्रति संवेदना नहीं जताई। उल्टे मीडिया के लोगो से दूरी बनाये रखा।

यह सच है,कि बिहार में बंगाल,नेपाल,झारखंड समेत देश के कई राज्यो से येन केन प्रकारेण तरीको से शराब की तस्करी हो रही है। लेकिन तस्करी के इस शराब की ऊंची कीमत होने के कारण मेहनतकश मजदूर कम पैसों की चक्कर में मिलावटी देसी शराब पीने को विवश है। जिसका उदाहरण ताजा घटनाक्रम है।जहां जहरीली मिथलाॅन मिली शराब पीने से ज्यादातर मजदूर और निम्नं आयवर्ग के लोगो की मौत हुई है।

 

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page