राजनाथ सिंह ने वियतनाम यात्रा के पहले दिन द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा साझेदारी पर जोर दिया

राजनाथ सिंह ने वियतनाम यात्रा के पहले दिन द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा साझेदारी पर जोर दिया
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– वियतनाम के एयर फोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में ‘भाषा प्रयोगशाला’ का वर्चुअल उद्घाटन किया

नई दिल्ली। दो एशियाई देशों के दौरे पर निकले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यात्रा के पहले दिन वियतनाम के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से हनोई में द्विपक्षीय वार्ता की।उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों मंत्रियों ने वियतनाम के एयर फोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में ‘भाषा प्रयोगशाला’ का वर्चुअल उद्घाटन किया। भारत और वियतनाम ने एआई और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक समझौता किया। रक्षा मंत्री ने न्हा ट्रांग स्थित टेलीकम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी में एक एआई प्रयोगशाला स्थापित करने का ऐलान किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 18 से 19 मई तक वियतनाम के दौरे पर हैं, जिसके बाद 19 से 21 मई तक दक्षिण कोरिया की यात्रा करेंगे। उन्होंने मंगलवार को हनोई में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण तथा क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना, साइबर सुरक्षा और उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यास और आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। रक्षा मंत्री ने वियतनाम के साथ भारत की ‘विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने, वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता संवर्धन पहलों में सहयोग देने के भारत के संकल्प को भी दोहराया।

जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों के बीच की पुरानी दोस्ती तथा बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। दोनों रक्षा मंत्रियों ने वर्चुअल माध्यम से वियतनाम के एयर फोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में ‘लैंग्वेज लैब’ का उद्घाटन किया। इस लैब की स्थापना भारत की सहायता से की गई है। रक्षा मंत्री ने न्हा ट्रांग स्थित टेलीकम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब’ स्थापित करने की भी घोषणा की। मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, भारत और टेली कम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी, वियतनाम ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में समझौता किया, जो दोनों देशों के बीच ‘बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है।

द्विपक्षीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने वियतनाम के जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति टो लैम से बात की। उन्होंने रक्षा व सुरक्षा, व्यापार व निवेश, समुद्री सहयोग, कनेक्टिविटी, डिजिटल बदलाव और लोगों के बीच आपसी मेल-जोल सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने भारत और वियतनाम के बीच मजबूत और स्थायी दोस्ती की पुष्टि की। उन्होंने भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लगातार बढ़ते विकास पर संतोष व्यक्त किया। भारत की अपनी यात्रा को गर्मजोशी से याद करते हुए वियतनाम के राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।

anand prakash

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