बिहार कैबिनेट की अगली बैठक में सरकारी डाक्टरो के निजी प्रैक्टिस पर लगेगी रोक:सम्राट चौधरी
पटना। बिहार सरकार ने राज्य के वरिष्ठ चिकित्सकों से बड़ा आह्वान किया है। सरकार ने कहा है कि मेडिकल कॉलेज चलाने में आप सभी सहयोग करें। चिंता इस बात की है कि सूबे में निजी मेडिकल कॉलेज अच्छे से चल रहे, लेकिन सभी संसाधन मुहैया कराने के बाद भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी नहीं मिलते। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर चिंता जाहिर की है।
सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य में अगर मेडिकल हॉस्पिटल के बड़े ग्रुप आएंगे तो हम विंडो खोलने का काम करेंगे। हमारे यहां एक चिंता का विषय यह है कि राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बेस्ट फैकल्टी नहीं मिलती, पर वही निजी मेडिकल कॉलेज अच्छे से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मधेपुरा और बेतिया मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी उपलब्ध नहीं हो पाते, जबकि सारा संसाधन जुटाया गया है, करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके उलट कटिहार, किशनगंज और सासाराम में निजी मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। न सिर्फ चल रहा, बल्कि अच्छे से चल रहा है। अच्छे-अच्छे डॉक्टर उपलब्ध हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की है कि अगली कैबिनेट में सरकारी चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक का प्रस्ताव लाएंगे और इसको कर देंगे। उन्होंने कहा कि कई मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड पर लाने की तैयारी है, पॉलिसी बनाने पर काम शुरू है, बड़े डॉक्टरों से सहयोग मांगा जा रहा है। इसके लिए इंसेक्टिव देना होगा, हम देंगे, हम चिकित्सकों के संघ के साथ बैठकर रास्ता निकालेंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बिहार के ही चिकित्सक हमारे मेडिकल कॉलेज को स्थापित करें, इस परिकल्पना में आप हमें सहयोग करें। एक-एक मेडिकल कॉलेज पर हम 500 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, इसका आउटपुट भी आना चाहिए।

