विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण पर दिया गया जोर
सुगौली। जन संवाद मंच के बैनर तले विश्व जल दिवस के अवसर पर नयका टोला स्थित नवप्रवर्तक डॉ.प्रमोद स्टीफन की अध्यक्षता में उनके आवास पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया।
जिसमे बढ़ते वैश्विक जल संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई और इसके समाधान को लेकर वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। समाजसेवी अजहर हुसैन अंसारी ने पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए जल-जीवन-हरियाली पर मंडरा रहे संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित जल दोहन,प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण जल संकट लगातार गहराता जा रहा है।जिससे मानव जीवन के साथ-साथ समस्त जीव-जंतुओं का अस्तित्व भी खतरे में है। उन्होंने जल संरक्षण,वर्षा जल संचयन और हरियाली बढ़ाने जैसे उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. प्रमोद स्टीफन ने बाढ़,भूमि कटाव और भूजल स्तर को नियंत्रित करने के लिए एक अभिनव सड़क-सह-सिंचाई प्रणाली का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से जल प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए कृषि,जल-विद्युत उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन स्थापित किया जा सकता है। यह मॉडल सभी जीवों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जो भविष्य में जल संकट के समाधान की दिशा में कारगर साबित हो सकता है।
परिचर्चा में डॉ.प्रेम प्रकाश स्टीफन, डॉ.पवन कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। कार्यक्रम में लिली स्टीफन,डॉ.संजीव कुमार,जयप्रकाश मसीह, पिंकी कुमारी,सूरज कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

