मोतिहारी के पतौरा में संतुलित उर्वरक उपयोग एवं हरी खाद पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
पूर्वी चंपारण। जिले के मोतिहारी सदर प्रखंड के पतौरा गांव में अटल श्री किसान उत्पादक संगठन के कार्यालय पर बुधवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पटना के सौजन्य से ‘उर्वरकों के संतुलित उपयोग’ पर एक दिवसीय जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष सत्यम कुमार ने की। इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने संतुलित पोषक व उर्वरक के संदर्भ में विशेष जानकारी दी।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मणि भूषण ने कहा कि केवल यूरिया (नाइट्रोजन) पर निर्भर न रहकर नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ जिंक, बोरॉन और सल्फर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित प्रयोग अनिवार्य है। वही वैज्ञानिक डा. राकेश कुमार ने किसानों को मिट्टी की जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खाद डालने की सलाह दी। इससे खेती की लागत घटेगी और भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहेगी। तकनीकी सहायक डॉ. ए एस महापात्र ने प्रशिक्षण के दौरान जैविक खाद, हरी खाद और वर्मी कंपोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

अध्यक्षीय संबोधन में एफपीओ के अध्यक्ष सत्यम कुमार ने उपस्थित सैकड़ों किसानों से आग्रह किया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन ही बेहतर उत्पादन का आधार है। उन्होंने कहा, “हमें रासायनिक खादों के साथ जैविक और हरी खाद का अधिक उपयोग करना होगा, ताकि हम और हमारी मिट्टी दोनों स्वस्थ रहें। इस तकनीक से कम लागत में अधिक मुनाफा संभव है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राकेश शुक्ला, तुलसी साह, राघवेंद्र द्विवेदी, धीरेंद्र शुक्ला, रविंद्र तिवारी, जयनारायण पासवान, ध्रुव पासवान, राजेश रावत, मनोज पंडित, राधेश्याम पांडे, केदार शुक्ला, संजीत कुमार,रूपेश श्रीवास्तव,प्रिंस कुमार, सुरेश शाह, धुरंधर दुबे, सोनम गुप्ता और हीरालाल राउत रामाकातं तिवारी, राजीव रंजन, दिलीप शुक्ला,समेत सैकड़ों किसान उपस्थित थे।कार्यक्रम के समापन पर किसानों के बीच हरी खाद के रूप में ढैंचा का बीज वितरित किये गये।

