एमजीसीयू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 500 से अधिक वैज्ञानिकों ने की भागीदारी

एमजीसीयू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 500 से अधिक वैज्ञानिकों ने की भागीदारी
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-शोध, नवाचार व सम्मान का दिखा अनूठा संगम

पूर्वी चंपारण। महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के बुद्ध परिसर स्थित बृहस्पति सभागार में “फ्रंटियर एरियाज ऑफ केमिस्ट्री (ICFAC-2026)” पर आधारित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य और सफल आयोजन किया गया।तीन दिन तक चले इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए 500 से अधिक वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और छात्रों ने भाग लेकर इसे वैश्विक वैज्ञानिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना दिया। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. रंजीत वर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रो. गौतम ब्रह्मचारी और कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम के अध्यक्ष सह संयोजक प्रो. देवदत्त चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण “डॉ. सुप्रभात राय मेमोरियल अवार्ड” रहा, जिसका पहला सम्मान सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ के प्रो. टी. नरेंद्र को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रो. ए.एस. नेगी ने उनकी उपलब्धियों को रेखांकित किया, जबकि प्रो. अतुल गुप्ता ने स्वर्गीय डॉ. सुप्रभात राय के जीवन और विश्व की पहली गैर-स्टेरॉयडल गर्भनिरोधक “सहेली” के विकास में उनके योगदान को याद किया। इस दौरान भावुक क्षण भी देखने को मिले।

कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और नई बीमारियों से निपटने में रसायन विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। वहीं प्रो. रंजीत वर्मा ने युवा वैज्ञानिकों को निडर होकर प्रश्न पूछने और इस मंच का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. गौतम ब्रह्मचारी ने ग्रीन केमिस्ट्री के महत्व को रेखांकित किया और प्रो. आर्तत्राण पाल ने रसायन विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग को भविष्य की आवश्यकता बताया।

सम्मेलन के दौरान 300 से अधिक पृष्ठों की ‘एब्सट्रैक्ट बुक’ के डिजिटल संस्करण का भी विमोचन किया गया, जिसमें अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और पोलैंड सहित कई देशों के शोध पत्र शामिल हैं। तकनीकी सत्रों की शुरुआत प्रो. टी. नरेंद्र के “नेचुरल प्रोडक्ट्स ड्रग डिस्कवरी” पर लेक्चर के साथ हुआ। इसके अलावा प्रो. नवीन बी. पटेल, प्रो. बिमल कृष्णा बनिक, प्रो. रमेंद्र प्रताप और प्रो. लुकमान हकीम चौधरी सहित कई वैज्ञानिकों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। दूसरे सत्र में देश-विदेश के वैज्ञानिक प्रो. गौतम ब्रह्मचारी, प्रो. निकोडेम कुज्निक (दक्षिण अफ्रीका), प्रो. आशीष के. तिवारी (बीएचयू), प्रो. राम सागर मिश्रा (जेएनयू) और प्रो. रामेश्वर अधिकारी (नेपाल) ने अपने-अपने शोध कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन के दूसरे दिन रसायन विज्ञान के भविष्य पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , डेटा साइंस और मॉलिक्यूलर हाइब्रिडाइजेशन के प्रभाव पर गहन चर्चा हुई।

प्रो. अतुल गुप्ता ने एस्ट्रोजन और स्तन कैंसर पर अपनी महत्वपूर्ण रिसर्च साझा की। डॉ. सुजीत साहू ने स्मार्टर ड्रग डिस्कवरी विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि एआई और रेषयस जैसी तकनीकों की मदद से दवा खोज प्रक्रिया तेज और किफायती बन रही है।प्रो. बापुराव बी. शिंगटे ने मॉलिक्यूलर हाइब्रिडाइजेशन पर अपने शोध के माध्यम से बताया कि कैसे दो अणुओं को जोड़कर नई और प्रभावी दवाएं विकसित की जा सकती हैं, जो ‘कैंडिडा’ जैसे संक्रमणों के उपचार में उपयोगी साबित हो सकती हैं।तीसरे दिन की शुरुआत प्रो. नरेश पटवारी (आईआईटी मुंबई) के परिचय से हुई, जिनके योगदान ने सम्मेलन को नई दिशा दी।

इस दौरान प्रो. ए.एस. नेगी (CSIR-CIMAP, लखनऊ) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। प्रथम वक्ता डॉ. नीरज कुमार मिश्रा (लखनऊ विश्वविद्यालय) थे, जिन्होंने C-H बॉन्ड फंक्शनलाइजेशन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने इसके रिएक्शन मैकेनिज्म और सिंथेटिक ट्रांसफॉर्मेशन को समझाते हुए बताया कि यह तकनीक आधुनिक ड्रग कैंडिडेट्स के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोपहर के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में अमेरिकन केमिकल सोसाइटी -American Chemical Society (ACS) और रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री -Royal Society of Chemistry (RSC) के अंतर्गत ओरल और पोस्टर कैटेगरी में विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आईसीएफएसी अवॉर्ड के तहत भी उत्कृष्ट शोध कार्यों को सराहा गया।

रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (पोस्टर कैटेगरी) विजेता: शुभम कुमार साह (एनआईटी पटना)

सुश्री रुपाली राय (लखनऊ विश्वविद्यालय) अनुराग यादव (राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सोनभद्र) तान्या त्रिपाठी (लखनऊ विश्वविद्यालय), ज्योत्स्ना गुप्ता (एमजीसीयू, मोतिहारी), आरएससी (मौखिक वर्ग) विजेता अंशु अंडोला (एमजीसीयू, मोतिहारी) अशरफ अयूब (एमजीसीयू, मोतिहारी) स्वाति सिंह (CSIR-CIMAP, लखनऊ)

मिनी गुप्ता (CSIR-CIMAP, लखनऊ) पिंटू कर्मकार (विश्व-भारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन)अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (Poster Category) विजेता चंदा मदेशिया (एमजीसीयू, मोतिहारी)

सुश्री देवा नंदा (एमजीसीयू, मोतिहारी) यानोष जॉय हिजकिएल (सेंट एंड्रूज कॉलेज, गोरखपुर) कविता (बीएचयू, वाराणसी) कुमार सत्यम (एमजीसीयू, मोतिहारी)

अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (मौखिक वर्ग) विजेता:

डॉ. सरिता सिंह (CSIR-CIMAP, लखनऊ) किसलय झा (एमजीसीयू, मोतिहारी)

विपिन कुमार (बीएचयू, वाराणसी)

श्री राय साहब यादव (वीबीएसपीयू, जौनपुर)

श्रीमती शाइंडा लईक (कानपुर)

इसके अतिरिक्त आईसीएफएसी अवॉर्ड के अंतर्गतॊ

ओरल कैटेगरी: प्रथम: डॉ. उज्ज्वल कुमार भगत

द्वितीय: शुभ्रांशु मिश्रा

तृतीय: दिव्या भारती एवं नेहा सेंगर रही।

anand prakash

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