प्रधानमंत्री ने कोलकाता में 18,680 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री ने कोलकाता में 18,680 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
Facebook WhatsApp

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में लगभग 18,680 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे और बंदरगाह अवसंरचना से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पश्चिम बंगाल और पूरे पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी मजबूत करना और आर्थिक विकास को गति देना है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इन परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण से क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा तथा लाखों लोगों का जीवन आसान होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खड़गपुर-मोरग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इसके साथ ही दुबराजपुर बाईपास तथा कांगशबाती और शिलाबाती नदियों पर बनने वाले बड़े पुलों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लोगों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि देश में रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है और केंद्र सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि यात्रियों और व्यापार दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यक्रम के बाद वह उस खुले मैदान में जाएंगे जहां बड़ी संख्या में बंगाल के लोग एकत्रित हुए हैं और वहां वह जनता से सीधे संवाद करेंगे तथा महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।

सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 420 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उद्घाटन की गई परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 तथा पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के विभिन्न खंड शामिल हैं।

इन परियोजनाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय में कमी, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी तथा क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री ने कई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें एनएच-116ए पर 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे के पांच पैकेज शामिल हैं। यह परियोजना खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित आर्थिक गलियारे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, हुगली, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी।

इस गलियारे के बनने से खड़गपुर और मोरग्राम के बीच यात्रा दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में करीब सात से आठ घंटे की बचत होगी। यह परियोजना एनएच-16, एनएच-19, एनएच-14 और एनएच-12 जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगी, जिससे बहु-कॉरिडोर कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने एनएच-14 पर 5.6 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दुबराजपुर बाईपास के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इसके बनने से दुबराजपुर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी आएगी।

उन्होंने एनएच-14 पर कांगशबाती और शिलाबाती नदियों पर बनने वाले अतिरिक्त चार लेन वाले प्रमुख पुलों के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इन पुलों से क्षेत्र में यातायात की सुगमता बढ़ेगी और माल ढुलाई को भी गति मिलेगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने जहाजरानी और बंदरगाह क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर दो के मशीनीकरण परियोजना का उद्घाटन किया, जिससे माल ढुलाई अधिक तेज, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल हो सकेगी। इस परियोजना से माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और रेल लोडिंग प्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने किडरपोर डॉक्स में जीर्णोद्धार परियोजना का भी उद्घाटन किया। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के अंतर्गत हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर पांच के मशीनीकरण सहित कई अन्य बंदरगाह अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

इन परियोजनाओं में कोलकाता डॉक सिस्टम में बैस्क्यूल ब्रिज का नवीनीकरण, किडरपोर डॉक-I (पूर्व) और डॉक-II (पूर्व) में जल निकासी प्रणाली के साथ यार्ड विकास, हावड़ा ब्रिज के स्तंभ से निमतला घाट तक कोलकाता नदी तट पर तटबंध संरक्षण कार्य तथा नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक नदी क्रूज टर्मिनल का निर्माण भी शामिल है।

रेल क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने पुरुलिया से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इससे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित छह रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया। इनमें कामाख्यागुरी, अनारा, तामलुक, हल्दिया, बरभूम और सिउरी स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किया गया है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया। इनमें बेल्डा और दंतान के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा तथा कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली शामिल है। इन परियोजनाओं से ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता में सुधार होगा तथा रेल नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ेगी।

सरकार ने कहा है कि इन पहलों से पश्चिम बंगाल और पूरे पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और आर्थिक विकास को नई गति देने में मदद मिलेगी।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page