बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का अनोखा सियासी सफर,गठबंधन बदलकर भी केन्द्रीय भूमिका में बने रहे

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का अनोखा सियासी सफर,गठबंधन बदलकर भी केन्द्रीय भूमिका में बने रहे
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पटना। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का सफर कई मायनो में यादगार रहेगा। लचर और बेहाल बिहार को पटरी पर लाने में उनके योगदान को लोग सदैव याद रखेगे। उनके कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण,सड़क,बिजली,कानून व्यवस्था,स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रो में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किये गये। नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भी भरा रहा।नीतीश कुमार नया बिहार के नारो के साथ साल 2000 से 2025 तक वे 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके है। अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों के बीच उन्होने करीब दो दशक से ज्यादा सत्ता में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।इस दौरान बिहार की राजनीति उनके इर्द-गिर्द ही घूमती रही।

3 मार्च 2000 को वह पहली बार भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उस समय विधानसभा में बहुमत नहीं होने के कारण उन्हें 10 मार्च 2000 को इस्तीफा देना पड़ा। यह उनका सबसे छोटा, सिर्फ सात दिन का कार्यकाल रहा।

उसके ठीक पांच साल बाद यानी 2005 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत मिला और 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इस कार्यकाल में उन्होंने सड़क, शिक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए।

26 नवंबर 2010 को उन्होंने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह कार्यकाल भी उन्होंने पूरा किया और इस दौरान उनकी छवि विकास और सुशासन की राजनीति करने वाले नेता के रूप में मजबूत हुई।

2014 के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरण बने। 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार चौथी बार मुख्यमंत्री बने। उसी वर्ष विधानसभा चुनाव के बाद महागठबंधन को जीत मिली और 20 नवंबर 2015 को उन्होंने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

इस सरकार में जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस साथ आए थे। हालांकि दो साल बाद ही राजनीतिक मतभेद सामने आ गए और सरकार का समीकरण बदल गया।

जुलाई 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़कर फिर से एनडीए का दामन थाम लिया। इसके बाद 27 जुलाई 2017 को उन्होंने छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

2020 के विधानसभा चुनाव के बाद 16 नवंबर 2020 को वह सातवीं बार मुख्यमंत्री बने। अगस्त 2022 में उन्होंने फिर गठबंधन बदला और आरजेडी-कांग्रेस के साथ सरकार बनाकर आठवीं बार मुख्यमंत्री बने।

जनवरी 2024 में उन्होंने महागठबंधन से अलग होकर फिर एनडीए में वापसी की और नौवीं बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 20 नवंबर 2025 को उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश कुमार गठबंधन बदल कर लंबे समय तक सत्ता में बने रहे। सबसे दिलचस्प तो यह है,कि गठबंधन बदलने के बाबजूद बिहार की राजनीति में उनकी केंद्रीय भूमिका लगातार बनी रही।

कब कब कितने दिनो तक रहे मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार

-3 मार्च 2000 – 10 मार्च 2000 : पहला कार्यकाल (7 दिन)
-24 नवंबर 2005 – 26 नवंबर 2010 : दूसरा कार्यकाल (लगभग 1828 दिन)
-26 नवंबर 2010 – 20 मई 2014 : तीसरा कार्यकाल (लगभग 1271 दिन)
-22 फरवरी 2015 – 20 नवंबर 2015 : चौथा कार्यकाल (271 दिन)
-20 नवंबर 2015 – 26 जुलाई 2017 : पांचवां कार्यकाल (614 दिन)
-27 जुलाई 2017 – 16 नवंबर 2020 : छठा कार्यकाल (1208 दिन)
-16 नवंबर 2020 – 9 अगस्त 2022 : सातवां कार्यकाल (631 दिन)
-10 अगस्त 2022 – 28 जनवरी 2024 : आठवां कार्यकाल (536 दिन)
-28 जनवरी 2024 – 20 नवंबर 2025 : नौवां कार्यकाल (662 दिन)
-20 नवंबर 2025 – वर्तमान : दसवां कार्यकाल

anand prakash

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