भारत-फिनलैंड डिजिटल और सस्टेनेबिलिटी में रणनीतिक साझेदारी को देंगे नई गति : मोदी

भारत-फिनलैंड डिजिटल और सस्टेनेबिलिटी में रणनीतिक साझेदारी को देंगे नई गति : मोदी
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ वार्ता के बाद कहा कि भारत और फिनलैंड डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में अपने संबंधों को एक नई रणनीतिक साझेदारी का रूप दे रहे हैं, जिससे उच्च प्रौद्योगिकी और नवाचार के अनेक क्षेत्रों में सहयोग को गति मिलेगी।हैदराबाद हाउस में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति स्टब के भारत के पहले दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि वह न केवल एक वैश्विक नेता हैं बल्कि एक प्रतिष्ठित विचारक और लेखक भी हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आयोजित रायसीना डायलॉग में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति भारत के लिए सम्मान और प्रसन्नता की बात है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे वैश्विक माहौल में भारत और यूरोप जैसे दो बड़े कूटनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों का नया दौर वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड डिजिटल प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि फिनलैंड की कंपनी नोकिया के मोबाइल फोन और दूरसंचार नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फिनलैंड के वास्तुकारों के सहयोग से चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों के सहयोग से असम के नुमालीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी बांस आधारित बायोएथेनॉल रिफाइनरी की स्थापना भी की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति स्टब की यात्रा के दौरान भारत और फिनलैंड ने अपने संबंधों को डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। यह साझेदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 6जी दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊर्जा देगी।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी दोनों देशों की साझेदारी को और गहरा किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड जैसे लोकतांत्रिक और जिम्मेदार देशों के बीच यह रणनीतिक साझेदारी विश्व के लिए भरोसेमंद प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने में सहायक होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि फिनलैंड भारतीय छात्रों और प्रतिभाओं के लिए तेजी से एक पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे संयुक्त अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि फिनलैंड शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श माना जाता है और दोनों देशों ने शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल-से-स्कूल साझेदारी और शिक्षा के भविष्य पर अनुसंधान सहयोग को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। इससे स्कूल से लेकर उद्योग तक मानव संसाधन विकास के हर स्तर पर सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नॉर्डिक क्षेत्र में फिनलैंड भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देश आर्कटिक तथा ध्रुवीय अनुसंधान के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ ग्रह दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है और इस वर्ष फिनलैंड के सहयोग से भारत में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम का आयोजन किया जाएगा, जिससे सस्टेनेबिलिटी के प्रयासों को नई गति और नए विचार मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि केवल सैन्य संघर्ष से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन का मुद्दा हो या पश्चिम एशिया की स्थिति, दोनों देश संघर्ष की समाप्ति और शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार न केवल आवश्यक है बल्कि अत्यंत तात्कालिक भी है। इसके साथ ही आतंकवाद को उसके सभी रूपों में समाप्त करना दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति स्टब के आयरनमैन ट्रायथलॉन पूरा करने का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके जैसे ऊर्जावान नेता के साथ भारत और फिनलैंड नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page