राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मध्यस्थता कार्य न्यायिक प्रणाली का मजबूत विकल्प: जिला जज
– बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव ने अधिवक्ताओं को होने वाली परेशानियों से अवगत कराया
– जिला जज ने अधिवक्ताओं के सुझाव पर कार्य करने का भरोसा दिलाया
मोतिहारी। बार एसोसिएशन के कैफ़ी हॉल में शनिवार को अधिवक्ताओ की एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं “राष्ट्र के नाम मध्यस्थता कार्यक्रम 2.0” को सफल बनाने हेतु व्यापक रणनीति तैयार करना एवं अधिवक्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करना था।
बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक कुमार दास ने की, जबकि संचालन राजीव कुमार द्विवेदी, महासचिव, जिला अधिवक्ता संघ ने किया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिनमें एडीजे-1 सुरेंद्र प्रसाद, एडीजे मुकुंद कुमार, अनन्य न्यायालय उत्पाद के न्यायाधीश ब्रजेश कुमार, एसीजेएम-8 राहुल कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शेषनाथ कुंवर, हरेश्वर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण ने भागीदारी निभाई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक कुमार दास ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मध्यस्थता कार्यक्रम न्यायिक प्रणाली का सशक्त विकल्प है, जिसके माध्यम से लंबित वादों का त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने वादकारियों को अधिक से अधिक संख्या में इन कार्यक्रमों में भाग लेने हेतु प्रेरित करें, ताकि न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम हो सके तथा पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-फाइलिंग प्रणाली न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है और इससे अधिवक्ता संघ की आय या परंपरागत कार्यप्रणाली पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने अधिवक्ताओं द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों एवं शंकाओं का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया तथा विश्वास दिलाया कि न्यायालय प्रशासन अधिवक्ताओं के सहयोग एवं सुझावों का सदैव स्वागत करेगा।
महासचिव राजीव कुमार द्विवेदी ने अधिवक्ताओं की व्यावहारिक समस्या, न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं एवं प्रशासनिक मुद्दों को विस्तार से बैठक में रखा। उन्होंने अधिवक्ता हितों की सुरक्षा एवं सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया। संबंधित पदाधिकारियों द्वारा इन समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन दिया गया। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शेषनाथ कुंवर ने नकल (कॉपी) प्राप्ति में हो रही विलंब की समस्या को प्रमुखता से उठाया। इस संबंध में शीघ्र एवं प्रभावी समाधान का भरोसा दिया गया, ताकि अधिवक्ताओं को कार्य निष्पादन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी ने राष्ट्रीय लोक अदालत एवं राष्ट्र के नाम मध्यस्थता कार्यक्रम 2.0 की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपेक्षा की कि वे अधिकाधिक मामलों को चिन्हित कर लोक अदालत एवं मध्यस्थता के लिए अग्रसारित करें तथा कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने कार्यक्रमों की सफलता हेतु पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।

