नेपाली मानव तस्कर के चंगुल से नाबालिग लड़की काे किया गया रेस्क्यू
पूर्वी चंपारण। मानव तस्करी रोधी इकाई 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चम्पारण तथा स्वच्छ रक्सौल की संयुक्त कार्रवाई में एक नेपाली मानव तस्कर के चंगुल से एक भारतीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।संयुक्त टीम ने मैत्री ब्रिज के पास भारत से नेपाल जा रहे एक व्यक्ति को एक नाबालिग लड़की के साथ संदेह के आधार पर रोका। प्रारंभिक पूछताछ में मामला संदिग्ध पाया गया तथा प्रथम दृष्टया यह मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को अलग-अलग रूप से टीम द्वारा काउंसलिंग की गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पीड़िता बदला हुआ नाम रानी कुमारी (13), जिला वैशाली, बिहार की रहने वाली है, जबकि आरोपी जिला पर्सा, नेपाल का निवासी है।जांच में यह भी सामने आया कि पीड़िता अपने परिवार के साथ हैदराबाद में रहती थी, जहां वह आरोपित के संपर्क में आई। आरोपित ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर नेपाल में शादी का झांसा दिया और उसे वहां ले जाने की योजना बनाई। काउंसलिंग के दौरान यह भी पता चला कि आरोपित कई दिनों से उसे नेपाल ले जाने का प्रयास कर रहा था। 15 फरवरी को जब पीड़िता अपने गांव आई, तो आरोपित ने मौके का फायदा उठाकर उसे बहला-फुसलाकर भगा लिया और काठमांडू (नेपाल) ले जा रहा था, जहां उसके मामा रहते हैं।
पीड़िता के परिजनों से संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि लोकल पुलिस थाना, जिला वैशाली में पहले से ही अपहरण व गुमशुदगी के संबंध में एफआईआर संख्या 64/26, दिनांक 16/02/2026 के तहत मामला दर्ज है।
टीम की तत्परता से मानव तस्करी की साजिश विफल कर दी गई। आरोपित एवं पीड़िता को आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु हरैया थाना को सौंप दिया गया।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में मानव तस्करी रोधी इकाई प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार, हवलदार अरविंद द्विवेदी, सिपाही नीतू कुमारी, लता पी., रेशमी कुमारी, राजन कुमारी, प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर से आरती कुमारी, राज गुप्ता तथा स्वच्छ रक्सौल से रणजीत सिंह एवं साबरा खातून उपस्थित रहे।

