विपक्ष ने किया बिहार विधानसभा में महिला सुरक्षा पर तत्काल चर्चा की मांग,सदन का किया बहिष्कार
पटना। बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। विपक्षी दलों के विधायकों ने राज्य में महिला अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर तत्काल चर्चा की मांग की और हंगामा शुरू कर दिया।शोर के बीच स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह विषय शून्यकाल में उठाया जा सकता है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और अपराध से जुड़े हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
सरकार के इस भरोसे के बाद कुछ समय के लिए विपक्षी विधायक अपनी-अपनी सीटों पर लौट आए, लेकिन स्थिति जल्द ही फिर बिगड़ गई।विपक्ष ने सरकार पर संवेदनशील मुद्दों को टालने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सदन के बाहर नेताओं के बयान तेज हो गए।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने विधान परिषद में पहले हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार महिला अपराध के मामलों को हल्के में ले रही है।नीट छात्रा मामले और दरभंगा रेप-मर्डर जैसी घटनाओं पर गंभीर कार्रवाई के बजाय लीपापोती की जा रही है। उनके अनुसार, सख्त कदम नहीं उठाने से समाज में गलत संदेश जाता है और अपराधियों का हौसला बढ़ता है।
वाम दल के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि सदन के भीतर और बाहर जो कुछ हुआ, वह राज्य में बढ़ती असंवेदनशीलता को दिखाता है।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कार्रवाई की रफ्तार सुस्त पड़ जाती है। उनका कहना था कि सरकार के दावे हकीकत में कमजोर साबित हो रहे हैं।

