फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या

फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
Facebook WhatsApp

-सप्ताह पहले एक बैरक में शिफ्ट किए थे तीन बंदी फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या उस समय पत्थर मारकर की गई जब वह गहरी नींद में था।इसके बावजूद अभी तक यह खुलासा नहीं हो सका है कि साथी कैदी ने अब्दुल रहमान की हत्या क्यों की है।

बल्लभगढ़ के एसीपी अशोक वर्मा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है, उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया होगी। एसीपी अशोक वर्मा ने बताया कि बीती रात पत्थरनुमा चीज से सोते हुए अब्दुल रहमान के सिर पर वार करके उसकी हत्या की गई है, वहीं उन्होंने बताया कि घटना के समय तीन कैदी एक ही बैरक में बंद थे, जिनमें अब्दुल रहमान, जम्मू कश्मीर का कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट और शोएब था। .

इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने जेल के अंदर जो भी चिकित्सा सुविधा थी, देने की कोशिश की लेकिन अब्दुल की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जेल नियमों के अनुसार कैदी से जेल के अंदर पूछताछ नहीं की जा सकती इसके लिए अदालत से अनुमति लेकर पूछताछ की जाएगी तभी मालूम चलेगा कि हत्या करने का कारण क्या था। एसीपी वर्मा ने बताया कि मृतक अब्दुल यूपी के फैजाबाद का रहने वाला था और उनके परिजनों को सूचना दे दी है उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया होगी।

एसीपी ने बताया की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट जम्मू कश्मीर का रहने वाला है उसे अक्टूबर 2024 में फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। यह तीनों कैदी पिछले 15 दिनों से एक ही बैरक में थे और हत्या करने वाले कैदी अरुण पर जम्मू कश्मीर में हत्या समेत आठ मामले दर्ज थे। अब जेल प्रशासन से ही पता चलेगा कि अरुण को किन कारणों से फरीदाबाद शिफ्ट किया गया था। उन्होंने कहा कि बैरक में मौजूद तीसरे कैदी शोएब का इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही उन्होंने बताया कि अभी हमें जेल में हत्या की शिकायत मिली है जिस पर कार्रवाई जारी है।

जेल में मर्डर की ज्यूडिशली इंक्वारी भी चल रही है। उल्लेखनीय है कि जम्मू के आरएस पुरा के गांव खौर देओनियन का रहने वाला अरुण सांबा के रहने वाले अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था। वर्ष 2023 में पंजाब में मुठभेड़ के बाद अरुण चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अरुण चौधरी को कठुआ जेल में रखा गया था। वर्ष 2024 में ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो लाख रुपये लेने के आरोप लगाए थे। अरुण पर हत्या और रंगदारी मांगने के मामले दर्ज है। इसके बाद उसे यहां शिफ्ट किया गया था।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page