भारत-सेशेल्स के रिश्ते नए चरण में, हिंद महासागर के साझा भविष्य को देंगे आकार : मोदी

भारत-सेशेल्स के रिश्ते नए चरण में, हिंद महासागर के साझा भविष्य को देंगे आकार : मोदी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल राजनयिक संपर्क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह रिश्ता सदियों पुराना, गहरा और विश्वास पर आधारित है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत और सेशेल्स सिर्फ भूगोल से ही नहीं, बल्कि इतिहास, भरोसे और भविष्य के लिए एक साझा विज़न से भी जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक अर्मिनी के साथ यहां हैदराबाद हाउस में संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि भारत और सेशेल्स का नाता केवल आज का नहीं है, बल्कि यह अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला संबंध है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर की लहरें सदियों से दोनों देशों के लोगों को जोड़ती आई हैं। इन तटों पर व्यापार फला-फूला, संस्कृतियों का मेल हुआ और आपसी विश्वास की परंपराएं मजबूत होती गईं। एक समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार के रूप में सेशेल्स भारत के महासागर विज़न का अभिन्न हिस्सा है और दोनों देशों का सहयोग जल, थल और नभ तक फैला हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की चर्चाओं में भारत-सेशेल्स साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। दोनों देश अपने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखने पर सहमत हुए हैं। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय प्रौद्योगिकी और डिजिटल समाधान के क्षेत्र में भी सहयोग को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

मोदी ने कहा कि विकास साझेदारी भारत-सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव रही है और भारत के सभी प्रयास सेशेल्स की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर आधारित रहे हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। यह पैकेज सामाजिक आवास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं को समर्थन देगा। इन पहलों से सेशेल्स के लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स की क्षमता निर्माण में भारत के भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि सेशेल्स के सिविल सेवकों के प्रशिक्षण के लिए भारत में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करीबी सहयोग से दोनों देशों की साझेदारी को भविष्य उन्मुख दिशा दी जा रही है और डिजिटल परिवर्तन पर हुए समझौते के तहत भारत अपने सफल अनुभव सेशेल्स के साथ साझा करेगा।

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत को सेशेल्स का एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति, चिकित्सा पर्यटन और स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास में दोनों देश मिलकर आगे बढ़ेंगे। ऊर्जा और जलवायु के क्षेत्र में सहयोग को सतत विकास की साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु-अनुकूल और लचीले समाधानों पर सहयोग को और विस्तार दिया जाएगा।

मोदी ने कहा कि समुद्री पड़ोसी होने के नाते ब्लू इकोनॉमी भारत और सेशेल्स के लिए स्वाभाविक सहयोग का क्षेत्र है। समुद्री अनुसंधान, क्षमता निर्माण और डेटा साझा करने जैसे क्षेत्रों में भारत अपनी विशेषज्ञता सेशेल्स के साथ साझा करेगा। उन्होंने कहा कि रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा दोनों देशों की साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में सेशेल्स को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-सेशेल्स संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंध हैं। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय ने वहां के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और पीढ़ी दर पीढ़ी मित्रता को सुदृढ़ किया है। पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और खेल के माध्यम से इन संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई है तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की बैठक से यह स्पष्ट है कि भारत और सेशेल्स की साझेदारी एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए भारत-सेशेल्स संयुक्त विज़न जारी किया जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के सहयोग का रोडमैप बनेगा। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर भारत और सेशेल्स न केवल द्विपक्षीय सहयोग को, बल्कि हिंद महासागर के लिए एक साझा भविष्य को भी आकार देंगे।

संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. अर्मिनी ने कहा कि भारत की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और पारस्परिक सम्मान को दर्शाती है। यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है और इसी वर्ष भारत-सेशेल्स कूटनीतिक संबंधों के भी 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

राष्ट्रपति अर्मिनी ने कहा कि वार्ता के दौरान आर्थिक सहयोग और विकास समर्थन प्रमुख विषय रहे। उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश सुविधा, सतत परिवहन और जलवायु के प्रति सहनशील ढांचागत परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को आर्थिक लचीलापन और समावेशी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

anand prakash

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