जर्जर डुमरियाघाट पुल स्टील गटर से होगा निर्मित, कार्य प्रारंभ
-उत्तर बिहार के कई जिलों से दिल्ली और अन्य प्रदेशों को जाना होगा सुगम
– बैकुंठपुर विधायक का लगातार प्रयास हुआ सार्थक
मोतिहारी। बिहार के गोपालगंज और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला नारायणी (गंडक) नदी पर बना डुमरिया पुल पटना के जेपी सेतु पर बना स्टील स्ट्रक्चर की तर्ज पर बनेगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक मंजूरी मिलने के साथ ही निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है।
उतर बिहार का लाइफ लाइन माना जाने वाला यह पुल देश के कई हिस्सों से कई जिलों के अलावे नेपाल को भी सड़क मार्ग से जोड़ता है। यह पुल फिलवक्त खस्ताहाल स्थिति में है जहा आए दिन भयंकर जाम से लोगों को काफी कठिनाई होती है। यह पुल यातायात के लिए कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। जिससे कई जिलों के लोगों को उत्तरप्रदेश की राजधानी, लखनऊ, देश की राजधानी दिल्ली सहित हिंदुस्तान के दूसरे प्रदेशों में जाने में अब आसानी होगी।

बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और बीजेपी नेता मिथिलेश तिवारी ने इसकी जानकारी साझा की है। उनका कहना है कि कार्य भी प्रारंभ हो गया है। खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है। बताया गया है कि स्टील गटर से डुमरिया पुल के निर्माण हेतु पटना स्थित एनएचएआई कार्यालय में क्षेत्रीय पदाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पुल निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए संवेदक को दिशा निर्देश दिया गया था।
संवेदक दो दिनों के अंदर पुल निर्माण कार्य शुरू कराने हेतु आश्वस्त किया गया था। वर्षों से लंबित डुमरियाघाट पुल को कंक्रीट जगह स्टील गटर से निर्माण की स्वीकृति के बाद लगभग उतर बिहार के कई जिलों से दिल्ली सहित भारत के अन्य प्रदेश के लिए आवागमन सुगम हो जायेगा।
प्रभात रंजन मुन्ना की रिपोर्ट

