प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने 90वे त्रिमूर्ति शिव जयंती पर बुराईयो को छोडने का कराया गया संकल्प               

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने 90वे त्रिमूर्ति शिव जयंती पर बुराईयो को छोडने का कराया गया संकल्प               
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मोतिहारी। ब्रह्माकुमारीज बनियापट्टी सेवाकेंद्र  द्वारा आयोजित 90वे त्रिमूर्ति शिव जयंती का भव्य आयोजन  किया गया। 

कार्यक्रम  का शुभारंभ  8 घंटे का योग भट्ठी से हुआ फिर परमात्मा के महावाक्य दैनिक मुरली चली और  शिव बाबा को भोग स्वीकार कराया गया।कार्यक्रम मे बहनो एवं अतिथियो ने 90 वे त्रिमूर्ति शिव जयंति ध्वजारोहण किया। बहनो ने ध्वज के नीचे हाथ आगे करवाकर सभी बुराईयो को छोडने का संकल्प कराया तथा सभी के लिए  शुभ संकल्प  तथा सकारात्मक  सोच रखने को कहा।उक्त  अवसर पर अतिथियो ने  केक कटिंग के साथ दीप प्रज्जवलित किया।  शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए सेवा केंद्र प्रभारी बी के विभा ने कहा कि निराकार विदेही परमात्मा के अवतरण को ही जन्मोत्सव कहा जाता है उनका अवतरण अपने समय पर होता है और नई दुनिया का निर्माण कार्य उनके द्वारा संपन्न होता है।

संचालन के दौरान बीके अशोक वर्मा  ने कहा कि यह कामन संस्था नही है बल्कि परमात्मा द्वारा स्थापित है और उनके योग गुरू शैलेंद्र गिरी ने कहा कि आत्मा और परमात्मा के मिलन को  ही योग कहते है।उन्होने शिव की बारात के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला।संबोधित करते हुए बीके सारीका ने कहा कि गीता ग्रंथ में बताएं धर्मग्लानि के समय परमात्मा का अवतरण भारत की भूमि पर 90 वर्ष पूर्व हुआ और उनके द्वारा  चयनित आत्माओं के माध्यम से नई दुनिया का निर्माण कार्य चल रहा है जो अब अंतिम चरण में है ।

अरेराज की ब्रह्माकुमारी रेखा ने कहा कि परमात्मा भारत की भूमि पर अवतरित होकर आदि सनातन देवी देवता धर्म की स्थापना कर रहे हैं ,अभी अवसर है कोई भी परमात्मा पिता से संबंध जोड़कर अपना भाग्य बन सकता है। डाक्टर हेना चंद्रा ने कहा कि शिव बाबा का कार्य  हम देख रहे है और उनसे जुडकर शक्ति  प्राप्त  कर रहे है।

संबोधित  करने वालों में बीके हरिशंकर ,आक्सीजन मैन केशव कुमार,बीकेअनीता, बी के वीणा त्रिपाठी,बीके रीना,बीके वीणा गढवाल , बीके पूनम ,बीके शिव पूजन,बीके हरिशंकर, के अलावा अन्य भाई बहन थे ।बीके पूजा  ने शिव जयंती पर  सुंदर गीत प्रस्तुत किया ।छवि ने कई नृत्य प्रस्तूत किया।

anand prakash

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