विपक्ष के हंगामे के बीच पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारत-अमेरिका व्यापार डील पर दिया बयान
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच भारत-अमेरिका के बीच व्यापार डील पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश और निर्यातकों के हित में है और इसमें कृषि-खाद्य क्षेत्रों की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है।हंगामा जारी रहने पर लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के भारी शोर-शराबे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
गोयल के बयान के दौरान लोकसभा में विपक्ष का हंगामा जारी रहा, लेकिन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ जिस द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे रहा है, वह संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों की पूरी तरह से रक्षा करता है। उन्होंने सदन को बताया कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए बातचीत पूरी की है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते से भारतीय किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा।
गोयल ने लोकसभा में कहा कि दोनों देश जल्द ही समझौते का विवरण देते हुए एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि इस डील में उर्वरक और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि यह समझौता छोटे और मध्यम कारोबारियों, एमएसएमई, औद्योगिक इकाइयों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा एवं उन्नत तकनीकों तक पहुंच को आसान बनाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’, ‘डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्यों को गति मिलेगी।
केंद्रीय वाणिज्य एंव उद्योग मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के हितों को देखते हुए स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे। भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। गोयल ने कहा कि अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र थे, जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे। उन्होंने कहा एक साल तक चली कई दौर के विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे। यह समझौता विशेष रूप से श्रम प्रदान क्षेत्रों और विनिर्माण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है।

