भारत प्रतिस्पर्धा को तैयार, दुनिया के देश व्यापारिक संबंध बनाने को आतुर : प्रधानमंत्री

भारत प्रतिस्पर्धा को तैयार, दुनिया के देश व्यापारिक संबंध बनाने को आतुर : प्रधानमंत्री
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि भारत आज विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और दुनिया के देश भारत के साथ व्यापारिक संबंध बनाने को आतुर हैं।भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए समझौते ने दुनिया को भरोसा दिया है और अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौते ने इसे गति का एहसास कराया है। वर्तमान में दुनिया में वैश्विक दक्षिण (विकासशील देश) चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसका सूत्रधार भारत है और वैश्विक मंचों पर उनकी आवाज बुलंद कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का उत्तर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष पर निशाना साधा और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ को जुमला बताया और कहा कि ऐसा कहने वालों के अंदर असल में नफरत भरी है। विपक्ष उनकी सरकार की उपलब्धियां के चलते ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “लोग मुझे पूछते हैं कि मेरी सेहत का राज क्या है और मैं कहता हूं कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं।”

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा और कहा कि चोरी इनका पुश्तैनी पेशा रहा है और उन्होंने एक गुजराती (महात्मा गांधी) का सरनेम चुरा लिया। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी के भाजपा नेता नवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सदन के एक सदस्य को सिख होने के कारण ऐसा कहा गया। उन्होंने कांग्रेस पर भारत रत्न भूपेन हजारिका का अपमान करने का भी आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कल लोकसभा में पेपर उछाले जाने की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष ने इस दौरान चेयर पर मौजूद पूर्वोत्तर के एक साथी और आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य का अपमान किया है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के कितने ही टुकड़े हुए हैं, कितने लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, लेकिन किसी और को उन्होंने (राहुल गांधी) गद्दार नहीं कहा। उन्होंने उस सदस्य (बिट्टू) को गद्दार इसलिए कहा, क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। कांग्रेस में सिखों के प्रति जो कूट-कूटकर नफरत भरी हुई है।”

राज्यसभा में प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान पहले विपक्ष ने शोर-शराबा किया और कुछ समय बाद सदन से बाहिर्गमन किया। बाकी समय प्रधानमंत्री ने विपक्ष की अनुपस्थिति में चर्चा का जवाब दिया। नारेबाजी के दौरान प्रधानमंत्री विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के खड़े होकर नारे लगाने पर कहा कि उनकी आयु अधिक है और वे चाहते हैं कि वे अपनी सीट पर बैठकर नारे लगाएं। वहीं विपक्ष के बाहर जाने पर उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले थक के बाहर चले गए हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में राज्यसभा सदस्य सदानंद मास्टर के चर्चा में भाग लेने और पहली बार सदन में बोलने पर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वैचारिक असमानता के कारण एक शिक्षक (सदानंद मास्टर) के पैर काट दिए गए। इसके लिए इंडी अलायंस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, “कटे हुए पैर से वे जिंदगी गुजार रहे हैं, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में भी अपशब्द नहीं निकलता है। ऐसे व्यक्तित्व को, सदानंदन जी मास्टर को मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं। क्योंकि इतने हमले के बाद भी देश की सेवा का अपना व्रत जारी रखा और आज देश के नीति-निर्धारण में अपना योगदान दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए आज अवसर ही अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि विडंबना की बात है कि खुद को राजा मानने वाले असमानता की बात कर रहे हैं। “कुछ लोग खुद को राजा मानते हैं और आर्थिक असमानता की बात कर रहे हैं, यही दिन देखने को रह गए थे।”

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी सदस्य सदन में घुसपैठियों की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के समृद्ध देश अपने यहां से गैरकानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है। वहीं हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है। देश का नौजवान ऐसे लोगों को माफ नहीं करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने पर बैंकिंग क्षेत्र में गैर निष्पादित संपत्ति बहुत ज्यादा थी। उनकी सरकार के प्रयास से आज यह 1 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के निगम आज संभल रहे हैं। आज नीति आयोग बहुत तेजी से काम कर रहा है। आकांक्षी जिलों से जुड़ी योजना दुनिया के लिए प्रेरणा बन रही है। प्रगति प्लेटफार्म से देश के विकास को गति मिली है और 85 लाख करोड़ की अटकी परियोजनाएं पूरी हुई हैं।

anand prakash

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