नीतीश कैबिनेट की बैठक में 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

नीतीश कैबिनेट की बैठक में 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई
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पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई।

कैबिनेट की बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दी। नीतीश कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को छात्रों के हित में 2 बड़े फैसले लिए गए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति और मेधावृत्ति योजनाओं में बदलाव किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इसका लाभ मिल सके। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2025-26 से प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति की राशि बढ़ा दी गई है। कक्षा 1 से 4 के छात्रों को अब 1200 रुपये सालाना, कक्षा 5 से 6 तक 2400 रुपये और कक्षा 7 से 10 तक 3600 रुपये सालाना छात्रवृत्ति मिलेगी। कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी छात्रों को 6000 रुपये सालाना दिए जाएंगे, इससे करीब 27 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।

इस योजना पर सरकार करीब 519 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना में बड़ा बदलाव किया है। 2026-27 से इस योजना के लिए पारिवारिक आय की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह सीमा 1.50 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे ज्यादा छात्रों को मेधावृत्ति का लाभ मिल सकेगा। इस योजना के लिए सरकार ने करीब 117.98 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च को मंजूरी दी है।

कैबिनेट की बैठक में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के नाम पर बक्सर जिले के डुमरांव में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए 14 करोड़ 52 लाख 15000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 87 करोड़ 81 लाख 43400 की स्वीकृति दी गई, इसके साथ ही नवगठित उच्च शिक्षा विभाग में सात निश्चय 3 के अंतर्गत कार्यों के निष्पादित करने के लिए 161 विभिन्न पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 17000 पदों पर भारतीय सेना के सेवानिवृत सैनिक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सेवा निवृत अर्ध सैनिक बलों को सैप बल के रूप में अनुबंध पर रखने की स्वीकृति दी गई है। पटना जू में टॉय ट्रेन के संचालन के लिए 5 करोड़ 81 लाख 73 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने बिहार उच्च न्याय सेवा

संशोधन नियमावली 2026 की स्वीकृति, बिहार असैनिक सेवा भारती संशोधन नियमावली 2026 की स्वीकृति, बिहार ज्यूडिशल ऑफीसर्स कंडक्ट रूल्स 2026 की स्वीकृति, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण कार्य में अब तक लंबित विपत्रों के विरुद्ध भुगतान के लिए 5 अरब रुपये की स्वीकृति, बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2016 के अनुरूप उद्यमियों को उनके लंबित दावों के भुगतान के लिए 1700 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति और बिहार निवास नई दिल्ली के पुनर्विकास के लिए 6 करोड़ 1 लाख 48000 की स्वीकृति दी है। सात निश्चय-3 के तृतीय एजेंडा के तहत समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार में बिहार सेमी कंडक्टर पॉलिसी 2026 की स्वीकृति दी गई है। वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भूमि सुधार उपसमाहर्ता के 101 पद स्थाई रूप से सृजन की स्वीकृति मिली है।

anand prakash

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