श्रम विभाग की विशेष धावा दल ने तीन बाल श्रमिको को कराया विमुक्त
मोतिहारी। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, आदापुर के नेतृत्व में आदापुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विशेष धावा दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया। इस क्रम में आदापुर प्रखंड के कुल-02 प्रतिष्ठानो जय गुरुदेव मिलन स्वीट्स से 02 बाल श्रमिक एवं श्रीअन्नपूर्णा स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट से 01 बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया।
श्रम अधीक्षक रमाकांत ने साफ कहा है कि यह अभियान पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत सभी हाट बाजारो सहित जिला मुख्यालय में चलता रहेगा। लगातार क्रियाशील रहेगा। मामले में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत सभी नियोजकों के विरूद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, मोतिहारी के समक्ष उपस्थापित कर उन्हें बाल गृह में आवासीत कर दिया गया है।
श्रम अधीक्षक रमाकांत द्वारा बताया कि बच्चों से प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन के अंतर्गत गैर कानूनी है। मामले में 20 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक का कारावास का प्रावधान है।
जबकि नियोजकों से 20, हजार प्रति बाल श्रमिक की दर से राशि की वसूली की जाएगी। धावा दल की टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, आदापुर, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चिरैया, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, तुरकौलिया, डंकन हॉस्पीटल रक्सौल, प्रयास संस्था एवं ळछज्ञ के प्रतिनिधि एवं आदापुर थाना से 06 पुलिस कर्मी एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम शामिल थी।

