सरकार का आधुनिक गन्ना की खेती को बढ़ावा देने पर बल

सरकार का आधुनिक गन्ना की खेती को बढ़ावा देने पर बल
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-आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण से बढ़ेगी गन्ना की उत्पादकता: मंत्री  
मोतिहारी। गन्ना किसान संगोष्ठी सह क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन जिला अंतर्गत पहाड़पुर प्रखंड अंतर्गत कोटवा पंचायत के लखानीपुर सेंटर बथुआहा काटा, पर किया गया।  उद्घाटन गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, विधायक राजू तिवारी, राजेश कुमार उर्फ बब्लू गुप्ता, संयुक्त इंखायुक्त जय प्रकाश नारायण सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

मंत्री ने कहा कि गन्ना विभाग के द्वारा आधुनिक तरीके से गन्ना की खेती को प्रचारित एवं प्रसारित करने के लिए विभिन्न स्तर पर किसानों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। गन्ना राज्य का एक महत्वपूर्ण नगदी फसल है।  गन्ना आधारित उद्योग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के आय में बढ़ोत्तरी संभव है। ऐसे उद्योग से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलते है। नतीजतन लगातार संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है, जिससे किसानों को उत्तम किस्म की बीज, यंत्र और खादों की जानकारी मिल रही है। सीमित खेती में ज्यादा से ज्यादा पैदावार हो। यही सरकार का उद्श्य है।
देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एव  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में कृषि रोड मैप कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है।

गन्ना उद्योग विभाग के द्वारा मुख्यतः मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम एवं गन्ना यंत्रिकरण योजना चलाई जा रही है। गन्ना आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए कृषि रोड मैप कार्यक्रम लागू किया गया है।  गन्ना की खेती के लिए मिट्टी एवं जलवायु अनुकूल है। लेकिन गन्ना की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से कम है। गन्ना की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता को बढ़ाने के लिए आधुनिक विधि से जैसे कि सिंगल बड पद्धति से गन्ना की खेती आवश्यक है। उच्च उत्पादकता वाले गन्ना प्रभेदों की नितांत आवश्यकता है। गन्ना बीज की अनुपलब्धता की भरपाई के लिए सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। पारम्परिक विधि की अपेक्षा सिंगल बड पद्धति में बीज की आवश्यकता एक तिहाई होती है, जिससे सीमित बीज में अधिक से अधिक रकवा आच्छादित हो सके।  

 

सरकार राज्य में नयी चीनी मिल की स्थापना/बंद चीनी मिलों के जीर्णोद्वार के लिए प्रयत्नशील है। इसे सात निश्चय 3 में भी शामिल किया गया है। नयी चीनी मिलों की स्थापना एवं गुड इकाई के संचालन के लिए पर्याप्त नात्रा में गन्ने की उपलब्धता हेतु विभाग गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम का कार्यान्वयन प्रारंभ किया गया है। गन्ना किसानों के हित में मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत त्रिस्तरीय बीज उत्पादन कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में गन्ना के उत्तम एवं सामान्य श्रेणी के चयनित प्रभेदों के प्रमाणित गन्ना बीज का वितरण का 7 लाख क्वींटल लक्ष्य है।  

अगले वित्तीय वर्ष में और बढ़ाने की आवश्यकता है।   सरकार 1 करोड़ रोजगार और स्वरोजगार देने के लिए कृतसंकल्पित है। लिहाजा  ज्यादा से ज्यादा चीनी मिले खुलेगी।

संयुक्त ईखायुक्त  जय प्रकाश नारायण सिंह ने कहा कि आज हम और हमारा विभाग किसानों के हित में लगातार कार्य कर रहा है।   विभाग अब आपकी शिकायतों को सुनेगा और संबंधित अधिकारी इन समस्याओं का त्वरित निष्पादन करेंगे।  किसान भाइयों के लिए ईख मित्र एप बनाया गया है, जहां किसान खेती और किसी सुझाव हेतु फोटो अपलोड कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। केन पोर्टल भी आपके लिए ही बनाया गया है। किसानों के हित के लिए 33 यंत्र मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत शामिल किए जा चुके हैं। अभी गन्ना की 2.3 लाख हेक्टेयर खेती होती है इसको  3.50 लाख हेक्टेयर से ऊपर ले जाना है।

 राज्य के साथ राज्य के बाहर के ज्यादा से ज्यादा निवेशक आयेंगे तो और अधिक चीनी मिलें खुलेगी। जहां गुड़ यूनिट नहीं है, वहां उस यूनिट को अधिष्ठापन करवाना   प्राथमिकता होगी। पूर्ण पारदर्शिता के साथ विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का सीधा लाभ गन्ना कृषकों को पहुंचे, इस दिशा में विभाग निरन्तर प्रयास कर रहा है।

उप निदेशक सह सहायक निदेशक (ईख विकास), मोतिहारी अजित कुमार प्रसाद ने गन्ना यंत्रीकरण योजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। जबकि तकनीकी सत्र में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, माधोपुर के प्राध्यापक सह मुख्य वैज्ञानिक डॉ. निरज कुमार एवं सह प्राध्यापक सह मुख्य वैज्ञानिक, संजीव कुमार सिन्हा ने गन्ना उत्पादन में समेकित किट प्रबंधन एवं गन्ना की खेती में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, माधोपुर के सहायक प्राध्यापक सह कनीय वैज्ञानिक डॉ. सतीश चन्द्र नारायण ने गन्ना में उन्नत प्रभेदों का बीज उत्पादन विषय कर किसानों को प्रशिक्षित किया।   कार्यक्रम का समापन रेमन्त झा, सहायक इंखायुक्त   मुजफ्फरपुर सह ईख पदाधिकारी बेतिया अंचल ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।

anand prakash

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