देश में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना

देश में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। भारत में 2027 में जनगणना आयोजित की जाएगी, जो पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में इसकी पुष्टि की। यह महत्वाकांक्षी प्रयास भारत को दुनिया की सबसे तेज, सबसे बड़ी और आधुनिक डिजिटल जनगणना का मानक स्थापित करने में मदद कर सकता है।

2027 की जनगणना भारत की 16वीं जनगणना होगी, जिसे कोविड-19 महामारी, चुनाव और प्रशासनिक देरी के कारण 2021 से टाल दिया गया था। गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि डेटा कलेक्शन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। यह कदम भारत को अमेरिका, ब्रिटेन और घाना जैसे उन देशों की श्रेणी में ला खड़ा करता है, जिन्होंने डिजिटल या हाइब्रिड जनगणनाएं पहले ही कर ली हैं।

जनगणना दो स्टेप्स में पूरी की जाएगी:

चरण 1: घर सूचीकरण (लिस्टिंग) और हाउस मैपिंग, जो अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा।
चरण 2: जनसंख्या गणना, जो फरवरी-मार्च 2027 में होगी (बर्फीले क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान होंगे)।

इनुमरेटर करेंगे स्मार्टफोन का इस्तेमाल

डिजिटल प्रक्रिया के तहत, गणनाकारक (इनुमरेटर) पारंपरिक कागजी फॉर्म के बजाय अपने स्मार्टफोन (एंड्रॉयड/आईओएस) पर ऐप का उपयोग करेंगे। जनता वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं-जनगणना (सेल्फ-इनुमरेशन) भी कर सकेगी। यह ऐप 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा। साथ ही, कनेक्टिविटी की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए कागजी फॉर्म का बैकअप भी रखा जाएगा, जिससे यह हाइब्रिड फॉर्मेट में काम करेगी। इस जनगणना में स्वतंत्र भारत में पहली बार एससी/एसटी के अलावा अन्य जातियों का डेटा भी एकत्र किया जाएगा।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page