बुर्का पहनाकर नेपाल ले जा रहे नाबालिग लड़की को छुडाया
-एसएसबी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और एनजीओ की रही अहम भूमिका
-पूछताछ के बाद युवक को किया हरैया पुलिस के हवाले
-लव-जेहाद से जुड़ा मामला
रक्सौल। मानव तस्करी रोधी इकाई एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम, 47वी वाहिनी एसएसबी तथा प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर (एनजीओ) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है।
जानकारी के अनुसार टीम ने एक युवक और उसके साथ बुर्का पहनी हुई लड़की को रोककर पूछताछ की। युवक ने अपना नाम मो. अजमुल्लाह अली बताया और लड़की को अपना धर्म का बताकर सलीमा बेगम नाम बताया, लेकिन छानबीन में पता चला कि लड़की हिन्दू समुदाय की है और उसे इस्लाम धर्म अपनाने तथा बुर्का पहनने के लिए विवश किया गया था।
आरोपी पश्चिमी चंपारण का निवासी है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से लड़की से दोस्ती कर उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। शादी और नौकरी का लालच देकर 13 नवंबर 2025 को लड़की को घर से भगा लिया और उसे गुरुग्राम (हरियाणा) ले गया। जहां नाबालिग का शारीरिक शोषण किया। नाबालिग ने बताया कि आरोपी ने जबरन इस्लाम धर्म स्वीकार करवाने, तौर-तरीके सीखने और बुर्का पहनने के लिए दबाव बनाया।
इस बीच लड़की के परिजनों ने उसके अपहरण की एफआईआर स्थानीय थाने में दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलने पर आरोपी उसे नेपाल ले जाकर छिपने की फिराक में था, जहां से वह आगे दुबई भागने की योजना बना रहा था। उसने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसका दुरुपयोग किया। कार्रवाई के बाद नाबालिग लड़की और आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया हेतु हरैया पुलिस स्टेशन, रक्सौल को सौंप दिया गया।
मौके पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम इंस्पेक्टर विकास कुमार, खेमराज, विभा कुमारी, लाभा पी.के. इंद्रा, सदर मोनिका तथा प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण से जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

