सच्चिदानंद तिवारी की गला रेत कर हत्या के प्रयास मामले में 10 दिन बाद भी नहीं हुई प्राथमिकी
12 नवंबर की घटना में पुलिस की कार्रवाई पर उठने लगे हैं सवाल
पूर्वी चंपारण। कोटवा थाना क्षेत्र के बड़हरवा कला पूर्वी पंचायत वार्ड नंबर 6 में एक व्यक्ति की गला रेत कर हत्या का प्रयास करने के मामले में घटना के 10 दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। आश्चर्यजनक है कि इतने बड़े अपराधिक मामले में अब तक प्राथमिकी नहीं हुई है जिसको लेकर पुलिस की कार्य शैली पर सीधे सवाल उठने लगे है। बताया गया है कि 12 नवंबर की मध्य रात्रि बड़हरवा कला पूर्वी पंचायत के रामजी टोला गांव निवासी 54 वर्षीय सच्चिदानंद तिवारी अपने घर के बरामदा में सो रहे थे। मध्य रात्रि में किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने चेहरे पर नकाब लगाए आया और तिवारी के गले पर धारदार हथियार से वार कर दिया।जिससे वे बुरी तरह जख्मी हो गए। उनका शोर सुनकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इस बीच हमलावर भाग निकला।ग्रामीणों के सहयोग से जख्मी हालात में उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया , स्थित को गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने उसे मोतिहारी रेफर कर दिया।
ऐसे में हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले में गिरफ्तारी तो दूर की बात है अबतक एफआईआर भी दर्ज नहीं हुआ है।इस बाबत थानाध्यक्ष प्रत्यूष कुमार विक्की ने बताया है कि जख्मी व्यक्ति की तरफ से कोई आवेदन नहीं दिया गया है। घायल को सूचित करने पर आजकल कहकर अबतक आवेदन नहीं दिया गया है। बता दें कि सच्चिदानंद तिवारी अपने पत्नी के साथ घर पर रहते थे,उनके बच्चे बाहर है। इस संबंध में डीएसपी सदर 2 जितेश पाण्डेय ने प्राथमिकी नहीं होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि चौकीदार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

