फाइलेरिया की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे की होगी शुरुआत: सीएस
-जागरूकता में जुटी कर्मी
– चिन्हित स्थलों पर रात्रि में फाइलेरिया मरीजों की होगी खोज
पूर्वी चंपारण। जिले के सभी 27 प्रखंडो में फाइलेरिया रोग के प्रसार दर का पता लगाने के लिए नाइट ब्लड सर्वे का जल्द ही आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में एक रैंडम (अस्थाई) और एक सेंटिनल (स्थाई) साईट बनाये गये है। चिरैया, मधुबन, संग्रामपुर, चकिया प्रखंडों के सीएचओ, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी और रोगी हित धारक मंच के सदस्य लोगों को जागरूक करने में लग गए है। इस सम्बन्ध में सिविल सर्जन डॉ. रविभूषण श्रीवास्तव ने बताया की फाइलेरिया के प्रसार दर की पहचान के लिए जिले में नाइट ब्लड सर्वे की जल्द ही शुरुआत की जाएगी, ताकि फाइलेरिया प्रसार का सही आंकड़ा उपलब्ध हो सके। सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत फाइलेरिया रोधी दवाओं के एडमिनिस्ट्रेशन में आसानी होगी। एनबीएस के बाद जिन प्रखंडों का प्रसार दर एक या उससे अधिक आएगा, वहां दस फरवरी से आशा, स्वास्थ्य कर्मियों, एवं रोगी हित धारक मंच के सहयोग से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें दो वर्ष से ऊपर के सभी स्वस्थ्य व्यक्ति को फाईलेरिया से बचाव के लिए डीईसी एवं एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाई जाएगी।

डीभीडीसीओ डॉ. शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे में सेंटीनल एवं रैण्डम साईट पर प्रत्येक सत्र पर कम से कम तीन सौ सैंपल लेना आवश्यक है। ऐसा इसलिए क्योंकि फाइलेरिया के परजीवी हमेशा रात में ही पेरिफेरल ब्लड सर्कुलेशन में निकलते हैं। जिले में 6472 फाइलेरिया के चिन्हित मरीज है। बताया गया है कि चिरैया प्रखंड के अम्बरिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नजदीक ग्रामीणों के बीच सीएचओ अनुष्का भारती, चमही के सीएचओ फूल कुमारी के द्वारा विद्यालय के प्रधानाध्यापक, व शिक्षकों, पीएसपी के सदस्यों के साथ मिलकर बच्चों को व आम लोगों को हाथी पांव के लक्षण की पहचान, बचाव के तरीके एवं नाईट ब्लड सर्वें में होने वाले जांच होगी। मौके पर प्रधानाध्यापक विजय प्रकाश आर्या, सीएचओ अनुष्का भारती, चमही के सीएचओ फूल कुमारी, फाइलेरिया मरीज एवं अन्य लोग मौजूद थें।

