राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिलने के विरोध में बेल्ट्राॅन कर्मियो का प्रदर्शन
– 29 साल की सेवा के बावजूद मांग रही अधुरी, सड़क पर उतरे बेल्ट्रॉन डाटा कर्मी
मोतिहारी। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा, पूर्वी चंपारण जिला इकाई के बैनर तले रविवार को सैकड़ों बेल्ट्रॉन कर्मियों ने सड़क मार्च निकाला। कर्मचारियों की प्रमुख मांग राज्यक्मी का दर्जा देने की है। वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार की चुप्पी के खिलाफ कर्मचारियों ने अपना आक्रोश जाहिर किया।
मार्च नरसिंह बाबा मंदिर परिसर से चलकर चरखा पार्क और नगर थाना होते हुए कचहरी चौक तक पहुंचा। सड़क मार्च में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिला कर्मियों ने भी भाग लिया। संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन पटना सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ किया गया।
इस संबंध में जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर तथा आईटी बॉय और गर्ल सहित करीब 20 हजार कर्मचारी बेल्ट्रॉन के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बताया गया कि वर्षों से काम करने के बावजूद बेल्टरॉन कर्मियों को राजकर्मी की पहचान और सम्मानजनक सेवा सुविधाएं नहीं मिलना सरकार की उदासीनता है।
हर एक कर्मचारी अपने जीवन के महत्वपूर कई साल की सेवाएं इसमें दे रहे है। जिसमें कई लोगों की दूसरे नौकरी की उम्र सीमा समाप्त हो गई। वही जिला उपाध्यक्ष रामापति प्रसाद ने कहा कि 29 वर्षों से कर्मचारियों से ठेका आधार पर काम लिया जा रहा है, लेकिन अब तक सेवा शर्तें और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई हैं।
उन्होंने बेल्ट्रॉन कर्मियों को राजकर्मी का दर्जा देने के साथ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा, उनकी मांगों को कागजी तौर पर स्वीकृत होना चाहिए।

