17 सितम्बर से एमडीएम पंजी रिक्त, स्कूल के जांच में मिली बड़ी अनियमितता
– बेलवा माधो स्कूल में शिक्षकों की कौन कहे प्रधानाध्यापक ही नदारद
– 325 बच्चों की जगह 106 उपस्थित , गंदगी देख बिफरे जांच अधिकारी , डीएम को भेजी रिपोर्ट
कोटवा। प्रखंड क्षेत्र में शिक्षा विभाग हाशिए पर जाता हुआ दिख रहा है। समाज के निर्माण की जिसकी जवाबदेही होती है, उसमें विद्यालय और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। जो कोटवा में इन दिनों लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
दरअसल बीडीओ के जांच में एक और खुलासा सामने आया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी चिरंजीव पाण्डेय ने मंगलवार को प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलवा माधो का औचक जांच किया। जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरेंद्र कुमार बिना सूचना के गायब थे। दो शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश के आवेदन उपस्थिति पंजी में पाए गए। शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन में कई खामियां पाई गईं। शिक्षकों के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी सवाल उठे।
विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक कुल 325 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन जांच के दौरान मात्र 106 बच्चे उपस्थित पाए गए। इससे विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं। मध्याह्न भोजन योजना पंजी की जांच में भी बड़ी अनियमितता सामने आईं।
एमडीएम पंजी 17 सितंबर से खाली पाया गया।किचेन में गंदगी का अंबार था तो शौचालय बीमारी बांटने वाला दिखा।बीडीओ ने बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चिंता जताया। इसके अलावा, कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय भवन की आवश्यक मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य शुरू नहीं कराया गया था।
बीडीओ ने 30 नवंबर 2026 तक कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है। उक्त जांच की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।

